कुशीनगर: उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, किसानों के लिए हेल्पलाइन जारी
पडरौना (कुशीनगर): रबी सीजन की फसलों (गेहूं, राई और सरसों) की बुवाई और सिंचाई के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है और उर्वरकों की कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त है।
किसानों की मांग को पूरा करने के लिए जिले के पीसीएफ गोदामों और अधिकृत केंद्रों पर पर्याप्त भंडार मौजूद है।
यूरिया: 17,946 मीट्रिक टन
डीएपी (DAP): 6,554 मीट्रिक टन
एनपीके (NPK): 6,883 मीट्रिक टन
एसएसपी (SSP): 6,837 मीट्रिक टन
कालाबाजारी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
डॉ. मेनका ने बताया कि उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण और छापेमारी कर रही हैं। दुकानों के भौतिक स्टॉक का मिलान पॉस (POS) मशीन के डेटा से किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन
यदि किसी किसान को खाद मिलने में समस्या हो या कोई दुकानदार अधिक कीमत मांगे, तो वे सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम नंबर 8317015135 पर शिकायत दर्ज कराने पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कृषि अधिकारी की अपील
किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी जोत बही (Land Record) के अनुसार ही उर्वरक खरीदें। संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग न केवल फसल की पैदावार बढ़ाएगा, बल्कि मिट्टी (मृदा) के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखेगा।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

