कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा होगी अभेद्य, विशेष सुरक्षा बल के लिए 3 एकड़ भूमि की तलाश शुरू
Sandeh Wahak Digital Desk: कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देशन में हवाई अड्डे पर तैनात विशेष सुरक्षा बल (SSF) के जवानों के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रमुख आवश्यकताएं और योजना
हवाई अड्डे की सुरक्षा में लगे जवानों के लिए शस्त्रागार (Armoury), बैरक, कार्यालय, भोजनालय और स्नानागार जैसे निर्माण कार्यों हेतु लगभग 3 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए जिला प्रशासन ने चार प्रमुख विकल्पों पर विचार किया है।
प्रथम विकल्प: ग्राम नकहनी में एयरपोर्ट के पश्चिमी सिरे से सटी 10.02 एकड़ भूमि। यह स्थल सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
द्वितीय विकल्प: ग्राम महुआडीह लौंगरापुर में स्थित बंजर भूमि, जो एयरपोर्ट से 5 किमी की दूरी पर है।
तृतीय विकल्प: नागरिक उड्डयन विभाग की रिक्त भूमि, जो एयरपोर्ट से करीब 1.5 किमी दूर है। इसके लिए शासन स्तर से हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
यदि 5 किमी के दायरे में पर्याप्त सरकारी भूमि नहीं मिलती है, तो आपसी सहमति या अधिग्रहण के जरिए निजी भूमि क्रय करने पर भी विचार किया जा रहा है।
जिलाधिकारी का वक्तव्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा और यात्रियों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस पहल से न केवल सुरक्षा ढांचा मजबूत होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनपद की छवि भी सकारात्मक बनेगी।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

