Kushinagar News: 15 साल बाद भी नहीं मिला न्याय, अदालती आदेश के बावजूद अधिकारी नहीं कर रहे काम
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले के पडरौना तहसील के मटिहनिया खुर्द गांव के रहने वाले रामधारी सिंह पिछले 15 साल से अपनी जमीन का पत्थर नसीब (भूमि सीमांकन) कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि अदालत ने उनके पक्ष में आदेश दिया है, लेकिन तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक कोई भी अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 2009 में रामधारी सिंह ने अपनी जमीन के नक्शे में गड़बड़ी को लेकर धारा 28 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। 15 साल बाद, 2024 में अदालत ने फैसला सुनाया कि उनका नक्शा गलत है और इसे सुधारा जाना चाहिए। अप्रैल 2025 में धारा 41 के तहत पत्थर नसीब (भूमि सीमांकन) का आदेश पारित हुआ। लेकिन आदेश मिलने के बाद से रामधारी सिंह डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल के दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं।
“सिर्फ आश्वासन मिलता है, काम नहीं होता”
रामधारी सिंह ने जिलाधिकारी को लिखे अपने शिकायत पत्र में बताया कि हर बार तारीख देकर टाल दिया जाता है। अधिकारी कोई न कोई बहाना बना देते हैं। मैं थक चुका हूं, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
- अदालत के आदेश के बावजूद तहसील और राजस्व विभाग क्यों नहीं कर रहा काम?
- क्या आम आदमी को न्याय दिलाने में प्रशासन जानबूझकर देरी कर रहा है?
- क्या भ्रष्टाचार के कारण रामधारी जैसे किसानों को सिस्टम के चक्कर में फंसाया जा रहा है?
रामधारी सिंह ने अब जिलाधिकारी से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि “अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो मैं और ऊपर तक अपनी आवाज उठाऊंगा।”
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल।
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