कुशीनगर: ‘कुक्कुट विकास नीति-2022’ से चमकेगी उद्यमियों की किस्मत; 1500 करोड़ के निवेश का लक्ष्य

पडरौना (कुशीनगर): उत्तर प्रदेश सरकार की ‘कुक्कुट विकास नीति-2022’ के माध्यम से जनपद में निवेश और रोजगार के नए द्वार खुलने जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि कुशीनगर को पोल्ट्री उत्पादों में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। अगले 5 वर्षों में इस क्षेत्र के भीतर 1,500 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।

निवेशकों के लिए खास प्रोत्साहन और सब्सिडी

उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन के अनुसार, पोल्ट्री व्यवसाय (कमर्शियल लेयर और ब्रायलर फार्म) शुरू करने वाले उद्यमियों को सरकार निम्नलिखित लाभ दे रही है।

बैंक से लिए गए ऋण पर 5 वर्षों तक 7% ब्याज की प्रतिपूर्ति (Subvention) की जाएगी।

नई पोल्ट्री इकाइयों को स्थापना के बाद अगले 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% की छूट मिलेगी।

पोल्ट्री फार्म के लिए खरीदी गई या लीज पर ली गई भूमि पर 100% स्टाम्प ड्यूटी की छूट दी जा रही है।

प्रोजेक्ट की सुविधा और डेटाबेस मैनेजमेंट के लिए एक समर्पित पोर्टल और प्रोजेक्ट फैसिलिटेशन सेंटर बनाया गया है।

आत्मनिर्भरता और निर्यात पर जोर

इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में प्रोटीनयुक्त आहार (अंडे और मांस) की उपलब्धता बढ़ाना और निर्यात को प्रोत्साहित करना है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उद्यमियों की सहायता के लिए प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

Also Read: लखनऊ और गुजरात के बीच साझा होगा ‘विकास मॉडल’, महापौर ने की CM भूपेंद्र पटेल से मुलाकात

Get real time updates directly on you device, subscribe now.