कुशीनगर: लंबित वादों का विवरण न देने पर 22 पेशकारों का वेतन रोका, डीएम के निर्देश पर एक्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी (DM) महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) वैभव मिश्रा ने राजस्व संहिता 2006 के तहत समय सीमा से अधिक लंबित वादों का विवरण उपलब्ध न कराने के कारण 22 पेशकारों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर दिया है।
आदेशों की अवहेलना और लापरवाही
अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने बताया कि राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत केस मॉनीटरिंग सिस्टम (RCCMS) पोर्टल पर दर्ज वादों की सूची नियत प्रारूप पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। एडीएम मिश्रा ने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद पेशकारगण ने अब तक वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराई है। यह दर्शाता है कि वे अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से नहीं कर रहे हैं और न ही उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे हैं।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में इस घोर लापरवाही पर रोष व्यक्त किया था और समस्त पेशकारगण व नायब तहसीलदार के पेशकार का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए थे।
प्रभावित पेशकारों की सूची
एडीएम के आदेश पर पडरौना, खड्डा, कप्तानगंज, हाटा, कसया और तमकुहीराज तहसीलों के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों के 22 पेशकारों का वेतन रोक दिया गया है। वेतन का आहरण तभी किया जाएगा जब वांछित सूचना प्राप्त होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
एडीएम ने जिले के समस्त पीठासीन अधिकारी राजस्व न्यायालयों को निर्देशित किया है कि अगली साप्ताहिक समीक्षा बैठक से पहले उक्त वांछित सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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