कुशीनगर: ‘नुक्कड़ नाटक’ से दी बाल विवाह को मात, कसया में लोगों ने ली बेटियों को पढ़ाने और बचाने की शपथ

Sandesh Wahak Digital Desk: बच्चों का बचपन बचाने और समाज से बाल विवाह जैसी कुरीति को खत्म करने के लिए कुशीनगर में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत जोरदार जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कसया तहसील परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी (SDM) ने की, जहां नाटक और गीतों के जरिए लोगों को एक बड़ा संदेश दिया गया।

नुक्कड़ नाटक ने जीता दिल

लखनऊ से आई कलाकारों की टीम ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से अधिवक्ताओं और आम लोगों को यह समझाया कि कम उम्र में शादी करना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। टीम ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के महत्व को बहुत ही सरल ढंग से पेश किया।

जरूरी जानकारी: कब और कहां करें शिकायत?

डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह ने बताया कि शादी के लिए लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो, तो चुप न रहें। इसकी सूचना तुरंत इन नंबरों पर दें:

चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

इमरजेंसी नंबर: 112

महिला हेल्पलाइन: 181

सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी

कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट बंदना कुशवाहा ने महिलाओं और बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और निराश्रित महिला पेंशन के बारे में बताया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे आगे आएं और इन योजनाओं का लाभ उठाएं।

बस स्टेशन से बुद्ध कॉलेज तक गूंजा संदेश

जागरूकता का यह सिलसिला सिर्फ तहसील तक सीमित नहीं रहा। कसया बस स्टेशन, बुद्धा पी.जी. कॉलेज और बुद्ध परिनिर्वाण स्थल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी नुक्कड़ नाटक किए गए। कार्यक्रम के अंत में एसडीएम ने सभी को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई और जागरूकता सामग्री बांटी। इस मौके पर महिला कल्याण विभाग की टीम समेत भारी संख्या में स्थानीय लोग और छात्र मौजूद रहे।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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