पुनर्जीवित होंगी कुशीनगर की बांसी और हिरण्यवती नदियां, 8 अक्टूबर को महा-श्रमदान की योजना तैयार
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले में बांसी नदी और हिरण्यवती नदी की ऐतिहासिक रौनक और पौराणिक महत्व को बहाल करने के लिए प्रशासनिक पहल तेज हो गई है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पुनरोद्धार की विस्तृत कार्य योजना पर मुहर लग गई है।
8 अक्टूबर को सामूहिक श्रमदान
बांसी नदी की गहन सफाई कर इसकी रौनक बरकरार रखने का संकल्प 8 अक्टूबर (बुधवार) को साकार होने जा रहा है। इस दिन जनप्रतिनिधियों और आमजन के सहयोग से बड़े स्तर पर सामूहिक श्रमदान का शुभारंभ किया जाएगा।
बांसी नदी के पुनरोद्धार के लिए नामित नोडल अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गुंजन द्विवेदी, ने विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने इस ब्लू प्रिंट की सराहना करते हुए सीडीओ को बधाई दी।
सफाई अभियान में जेसीबी, पोकलैन, श्रमिक और ट्रैक्टर ट्रॉली जैसी आधुनिक मशीनों का भी प्रयोग किया जाएगा। पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एनजीओ और आपदा मित्र जैसे संसाधनों का सहयोग लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को आवश्यक दवाओं के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम प्रधानों को अभियान की लीडरशिप सौंपी गई है। ग्राम प्रधानों की मांग पर गोरखपुर से विशेष मशीन मंगाने का आश्वासन दिया गया है।
हिरण्यवती नदी का अभियान इसी माह
जिलाधिकारी ने हिरण्यवती नदी के पुनरोद्धार के लिए भी समय-सीमा तय कर दी है। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा को 15 अक्टूबर के आस-पास की तिथि निर्धारित करते हुए सफाई कार्य का शुभारंभ कराने का निर्देश दिया गया है। अपर जिलाधिकारी ने हिरण्यवती नदी की सफाई के लिए विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की और अब तक हुए कार्यों के संबंध में जानकारी दी।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख विंध्यवासिनी राय, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी सहित सभी संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और बांसी नदी से लगे ग्राम पंचायतों के प्रधान उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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