कुशीनगर का लाल शहीद: बारामूला में तैनात कैप्टन अमन सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले के हाटा नगर पालिका क्षेत्र (वीर अब्दुल हमीद नगर) में सोमवार की शाम उस वक्त कोहराम मच गया, जब भारतीय सेना में तैनात कैप्टन अमन कुमार सिंह का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से उनके पैतृक गांव पहुंचा। श्रीनगर के बारामूला में ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए इस युवा जांबाज को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।
माता-पिता का इकलौता सहारा थे अमन
महज 22 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमन सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता यशवंत सिंह एक निजी क्षेत्र में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। अमन बचपन से ही मेधावी थे। उन्होंने गोरखपुर के हॉलमार्क वर्ल्ड स्कूल से इंटरमीडिएट किया और गाजियाबाद से बीटेक की पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन देश सेवा का जज्बा ऐसा था कि पहले सेमेस्टर के बाद ही उनका चयन टीईएस (TES) के माध्यम से भारतीय सेना में हो गया।

मेहनत से पाया था कैप्टन का पद
अमन दो साल पहले ही सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर शामिल हुए थे और अपनी काबिलियत के दम पर हाल ही में पदोन्नत होकर कैप्टन बने थे। उनकी सफलता पर पूरे गांव को गर्व था, लेकिन सोमवार को उनकी शहादत की खबर ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा, पूरा क्षेत्र अमन कुमार सिंह ‘अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा।
राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ विदाई
देर शाम सैन्य परंपरा के अनुसार अमन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और ‘शैल सलामी’ के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस भावुक पल में प्रशासनिक अधिकारी और राजनेता भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, एसपी केशव कुमार, सांसद विजय कुमार दुबे, प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और विधायक मोहन वर्मा सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग शहीद को नमन करने पहुंचे। कुशीनगर के इस वीर सपूत की शहादत को पूरा देश नमन कर रहा है।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
Also Read: UP की राजनीति में ‘RAM’ की एंट्री, अलंकार अग्निहोत्री ने बनाई नई पार्टी, मथुरा से फूंका चुनावी बिगुल

