Land for job Scam: लैंड फॉर जॉब मामले में बढ़ीं लालू प्रसाद की मुश्किलें, कोर्ट ने बेटा-बेटी संग किया तलब
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद को नौकरी के बदले जमीन ‘घोटाले’ के संबंध में तलब किया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने प्रसाद के बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव को भी तलब किया। न्यायाधीश ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपाध्यक्ष तेजस्वी यादव को नया समन जारी किया। आरोपियों को 11 मार्च को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य मंडल में की गईं समूह ‘डी’ नियुक्तियों से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय रेल मंत्री के रूप में प्रसाद के कार्यकाल के दौरान 2004 और 2009 के बीच राजद सुप्रीमो के परिवार या सहयोगियों को उपहार के रूप में या उनके नाम पर भूखंड हस्तांतरित करने के बदले ये नियुक्तियां की गईं। प्रसाद, उनकी पत्नी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों सहित अन्य के खिलाफ 18 मई, 2022 को एक मामला दर्ज किया गया था।
आपको बता दें कि इससे पहले ईडी की दिल्ली और पटना टीम के अधिकारियों ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यादव और तेजस्वी यादव से करीब 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। ईडी सूत्रों के अनुसार, लालू यादव से उस समय करीब 50 से अधिक सवाल किए गए थे। उन्होंने अधिकारियों के अधिकतर सवालों के जवाब हां या ना में ही दिए थे।
क्या है लैंड फॉर जॉब मामला?
‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाला बिहार से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला है। जिसमें आरोप है कि रेलवे में नौकरियां देने के बदले जमीन ली गई। यह घोटाला उस समय का बताया जाता है जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। इस मामले में उनके परिवार के सदस्यों, खासतौर पर उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर भी आरोप लगे हैं। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप D और अन्य पदों पर भर्ती के बदले गरीब लोगों से उनकी जमीनें बहुत कम दामों पर ली गईं या गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर करवाई गईं। ये जमीनें लालू यादव और उनके परिवार से जुड़े लोगों के नाम पर ली गईं।
सीबीआई और ED ने इस मामले की जांच शुरू की। लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनके करीबी लोगों पर धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया गया।
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