Milkipur By Election: मिल्कीपुर में दो बड़े ‘लड़ैत’ कर रहे ‘रण’ का ‘शंखनाद’
सरकारी तंत्र की भूमिका पर उठ रहे सवास, जवाबदेही का तकाजा
Sandesh Wahak Digital Desk/Prem Kishore Tiwari: उत्तर प्रदेश में एक मात्र विधानसभा उपचुनाव अयोध्या के मिल्कीपुर सीट पर हो रहा है। सपा यहां किसानों की प्रमुख समस्या अन्ना मवेशी को प्रमुख मुद्दा बनाए है तो भाजपा विकास का नारा बुलंद कर रही है। हालांकि जातीयता का जादू सिर चढक़र बोलता नजर आ रहा है। चुनाव प्रचार का आज यानी सोमवार को अंतिम दिन है। मिल्कीपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री सपाई दुर्ग में भगवा लहर लाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं विरासत बचाने के लिए सपा मुखिया भी जोर आजमाइश कर रहे हैं। दोनों ही नेताओं के लिए यह सीट साख बचाने के लिए बहुत जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि यह सीट सपा के अवधेश प्रसाद ने जीती थी, जिनके अयोध्या सांसद बनने के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। इस उपचुनाव में भाजपा अपनी अयोध्या लोकसभा की हारी बाजी का बदला लेने पर उतारू है। वहीं सपा अपनी इस सीट को फिर जीतकर सत्ता पक्ष भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने को कमर कसे है। यहां से भाजपा के प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान व सपा से सांसद पुत्र अजीत प्रसाद हैं।

युद्ध मैदान में डटी भाजपा के मंत्रियों की फौज
भाजपा प्रत्याशी पर बाहरी होने का ठप्पा है तो सपा प्रत्याशी पर क्षेत्रीय व राजनीतिक अनुभव की कमी होने का सेहरा बंधा है। इस चुनावी दंगल में सपा लाल टोपी की फौज के साथ स्टार प्रचारक डिंपल यादव व धर्मेंद्र यादव को पहले ही प्रचार मैदान में उतार चुकी है। उधर सत्तारूढ़ दल भाजपा मंत्रियों की फौज के साथ युद्ध मैदान में डटी है।

आज थम जाएगा चुनाव प्रचार का शोरगुल
वहीं सीएम योगी की सभा भाजपाइयों का मनोबल बढ़ा रही है। प्रचार समाप्त होने में अब चंद घंटे ही शेष हैं। प्रत्याशी व कार्यकर्ता भी अपने-अपने सेनापतियों के युद्धकला के कौशल पर भरोसा कर आगे बढ़ रहे हैं। इस क्षेत्र में ऐसा चुनावी समर होने जा रहा है जिसका संदेश दूर तक जाएगा। सीएम योगी क्षेत्र में मतदाताओं से मुखातिब हुए हैं तो सपा मुखिया अखिलेश भी रैली व रोड शो कर चुनाव का रुख समाजवादी पार्टी की तरफ करने आ रहे हैं।
सरकारी सिस्टम की सख्ती भी इसी के साथ बढ़ रही है। मतदाता अभी से पशोपेश में है कि वह मतदान कर सकेगा या नहीं। खासकर पुलिस का रवैया ऐसा है जो मतदाताओं के हौसले को पस्त करने वाला है। जिन इलाकों से सत्ता पक्ष को मत मिलने की उम्मीद कम है वहां पुलिस पहले से कानून की तलवार भांज रही है। उधर सपा पिछले उपचुनाव में पुलिस के रवैये को देखते हुए पांच फरवरी को अपने कार्यकर्ताओं को संघर्ष, पर्दाफाश करने के साथ मतदान जरूर करने के लिए कह रहा है।
पुलिस के दम पर चुनाव लड़ने की परंपरा गलत: अखिलेश यादव
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आरोप लगाया लगाया कि मिल्कीपुर में पुलिस को आगे कर चुनाव लड़ा जा रहा है । उन्होंने कहा कि यह परंपरा लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है। इस तरह दूसरे दल भी चुनाव जीतने के लिए पुलिस को आगे करेंगे तो लोकतंत्र का क्या होगा?
जातीय समीकरण बनाने बिगाड़ने का होगा ‘खेल’
प्रयागराज के महाकुंभ के हादसे का जिक्र सब जगह की तरह यहां के लोगों के बीच भी हो रहा है। सपा मुखिया इस मुद्दे को उठाकर हिंदुओं की भावनाओं से जोडऩे की कोशिश कर रहे हैं। जातीय आधार व क्षेत्र के पिछड़ेपन के साथ उनकी दुखती रग अन्ना मवेशी पर हाथ रखकर उन्हें सपा के पक्ष में खड़ा कर रहे हैं। वहीं सीएम योगी हिंदुत्व के प्रति आदर, प्रेम का संदेश पहले भी दे चुके हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के तकाजे से आस्था का भाव जागने में पीछे नहीं हैं। सीएम योगी विकास का मॉडल दिखाने के साथ हिंदू एकता का संदेश देकर सपा का जातीय समीकरण भी बिगाड़ सकते हैं।
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