Lawrence Bishnoi Gang की धमकियों का बढ़ा दायरा, कांग्रेस विधायक ने भी लगाए आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) की ओर से धमकी देने का सिलसिला लगातार जारी है। फिल्मी दुनिया से जुड़े कई सितारों, जिनमें एक्टर रणवीर सिंह और डायरेक्टर रोहित शेट्टी शामिल हैं, को धमकी देने के बाद अब राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक साजिद खान पठान ने दावा किया है कि उन्हें भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से जान से मारने की धमकी दी गई है और जान के बदले 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। उन्होंने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था है कहां।
फोन पर मिली 10 करोड़ की धमकी
महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक साजिद खान पठान ने मंगलवार को मुंबई में दावा करते हुए बताया कि 17 फरवरी को जब वह खाना खा रहे थे, उसी दौरान उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) से जुड़ा बताते हुए कहा कि पहले पता कर लो मैं कौन हूं। कॉलर ने धमकी दी कि जिस तरह बड़े-बड़े लोगों को मारा गया है, अगर 10 करोड़ रुपये नहीं दिए तो उन्हें भी जान से मार दिया जाएगा।
पठान ने कहा कि वह कोई उद्योगपति या करोड़पति नहीं हैं, बल्कि जनता के समर्थन से चुने गए एक जनप्रतिनिधि हैं और लोगों के लिए काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि धमकी देने वालों ने कहा कि आज नहीं तो कल, जहां भी मिलोगे वहीं गोली मार देंगे।
पुलिस में शिकायत और सुरक्षा की व्यवस्था
कांग्रेस नेता साजिद खान ने कहा कि उन्होंने इस मामले में अकोला थाने में शिकायत दर्ज करा दी है और 17 फरवरी को ही एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। अकोला पुलिस की ओर से उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा दी गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को विधान भवन में उठाने की कोशिश की और उनकी पार्टी के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी उनकी ओर से आवाज उठाई, लेकिन उन्हें सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
साजिद खान पठान ने कहा कि जब एक विधायक को खुलेआम Lawrence Bishnoi Gang की औओर से जान से मारने की धमकी मिल सकती है तो आम जनता और व्यापारियों की सुरक्षा का क्या होगा। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार कैबिनेट में फैसले लेती है, लेकिन आम आदमी की सुरक्षा कहां है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर एक आमदार को अपनी सुरक्षा के मुद्दे पर सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा तो आम जनता की आवाज कौन सुनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं और उनके समर्थन में लोग दुआ कर रहे हैं, लेकिन सवाल यही है कि सुरक्षा व्यवस्था आखिर है कहां।
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