लखनऊ में अवैध निर्माणों पर चला एलडीए का डंडा, 50 बीघा में अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, 4 कॉम्प्लेक्स सील
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में अवैध कब्जों और बिना नक्शा पास कराए बन रही कॉलोनियों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को प्राधिकरण की टीम ने गोसाईंगंज और काकोरी में बड़ा अभियान चलाते हुए करीब 50 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को जमींदोज कर दिया। साथ ही, अलीगंज और मड़ियांव में मानकों के खिलाफ बन रहे चार व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया गया।
गोसाईंगंज और काकोरी: 50 बीघा में बसी ‘अवैध कॉलोनियां’ साफ
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-2 और जोन-3 की टीमों ने बुलडोजर के साथ इन इलाकों में दस्तक दी।
गोसाईंगंज (जोन-2): जोनल अधिकारी विराग करवरिया के नेतृत्व में सोनई कजेहरा गांव में कार्रवाई की गई। यहां विकास जायसवाल, दानिश और अनुराग समेत अन्य लोगों द्वारा लगभग 30 बीघा जमीन पर बिना ले-आउट पास कराए कॉलोनी विकसित की जा रही थी। टीम ने यहां किए गए अवैध निर्माण और सड़कों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
काकोरी (जोन-3): जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी की टीम ने भदोई गांव में अभियान चलाया। यहां वीरेंद्र, हीरालाल और सुभाष मौर्य जैसे बिल्डरों द्वारा करीब 20 बीघा क्षेत्रफल में पांच अलग-अलग जगहों पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी, जिसे प्रशासन ने ढहा दिया।
अलीगंज और मड़ियांव: नक्शा नहीं तो निर्माण नहीं
अवैध कमर्शियल बिल्डिंग्स पर कार्रवाई करते हुए जोन-4 की टीम ने मड़ियांव और अलीगंज में चार बड़ी इमारतों पर ताला जड़ दिया।
बड़ा चांदगंज (अलीगंज): एस.एन. सिंह द्वारा 150 वर्गमीटर के प्लॉट पर अवैध रूप से कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा था।
भगवती विहार (मड़ियांव): यहां गोपाल जायसवाल और मोहम्मद मुनीर समेत अन्य लोगों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 380 और 200 वर्गमीटर के भूखंडों पर व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। इन सभी निर्माण कार्यों को सील कर पुलिस कस्टडी में दे दिया गया है।
एलडीए की अपील: प्लॉट खरीदने से पहले बरतें सावधानी
एलडीए अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई किसी भी जमीन या मकान में लगाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उस कॉलोनी का ले-आउट और बिल्डिंग का नक्शा एलडीए से स्वीकृत है या नहीं। अवैध कॉलोनियों में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

