Siddharthnagar News: मौलाना मदनी की गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष का बड़ा बयान, बोले- जेल भेजने वालों की भी उच्चस्तरीय जांच हो
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा थाना क्षेत्र स्थित अल्फारुक इंटर कॉलेज के प्रबंधक मौलाना शब्बीर अहमद मदनी की धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने इस कार्रवाई को “बिना जांच की जल्दबाजी” बताते हुए मांग की कि मौलाना को जेल भेजने वालों की भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

“पुलिस-प्रशासन ने सरकार के इशारे पर की कार्रवाई”
जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में पाण्डेय ने आरोप लगाया कि इटवा पुलिस और जिला प्रशासन ने बिना पर्याप्त जांच के सिर्फ एक व्यक्ति की शिकायत पर मौलाना मदनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई योगी सरकार के दबाव में की गई है। मैं इस मामले को विधानसभा में मुख्यमंत्री के सामने उठाऊंगा।”
आरोपी का रिकॉर्ड भी खराब, फिर भी नहीं हुई गंभीर जांच
पाण्डेय ने बताया कि मौलाना के खिलाफ आरोप लगाने वाला अखंड प्रताप सिंह पहले से ही विवादित रिकॉर्ड वाला व्यक्ति है। उन्होंने पुलिस की एक पुरानी जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अखंड प्रताप ने 2020 में इस्लाम कबूल किया था और अपने ही परिवार के खिलाफ उत्पीड़न के झूठे मामले दर्ज कराए थे। “इस शातिर व्यक्ति की शिकायत पर बिना सबूत जुटाए मौलाना को जेल भेजना अन्याय है,” उन्होंने कहा।
स्कूल स्टाफ ने दिया मौलाना के समर्थन में हलफनामा
पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि अल्फारुक स्कूल में एक दर्जन से अधिक हिंदू शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्होंने एफिडेविट देकर स्पष्ट किया है कि कभी भी धर्मांतरण का कोई दबाव नहीं बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखंड प्रताप ने पहले आरटीआई के जरिए स्कूल को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी और जब वह नाकाम रहा, तो झूठे आरोप लगाए।
सिद्धार्थनगर की गंगा-जमुनी संस्कृति को खराब करने की साजिश
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यूपी सरकार जानबूझकर सिद्धार्थनगर जैसे शांतिपूर्ण जिले में साम्प्रदायिक तनाव फैलाना चाहती है। यहां हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता रही है, लेकिन सरकार की ऐसी कार्रवाइयां इस सौहार्द को तोड़ने का काम कर रही हैं।
रिपोर्ट : जाकिर खान।

