ली जे-म्यांग बने दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति, लोकतंत्र और स्थिरता की बहाली का लिया संकल्प

Sandesh Wahak Digital Desk: डेमोक्रेटिक पार्टी (DP) के नेता ली जे-म्यांग को दक्षिण कोरिया का नया राष्ट्रपति चुना गया है। ये चुनाव ऐसे वक्त हुए जब देश हाल ही में राजनीतिक उथल-पुथल और अस्थिरता से गुज़रा है। ली की जीत उनके पूर्ववर्ती की विफल नीतियों और मार्शल लॉ लगाने की नाकाम कोशिश के बाद सामने आई, जिससे देश में असंतोष और गहरा गया था।

सबसे ज़्यादा वोट पाने वाले राष्ट्रपति बने ली जे-म्यांग

ली जे-म्यांग ने 49.42% वोट हासिल किए, यानी लगभग 1.73 करोड़ लोगों ने उन्हें चुना। उनके प्रतिद्वंदी, पीपल पावर पार्टी (PPP) के किम मून-सू को 41.15% वोट मिले। ली को किम से करीब 29 लाख अधिक वोट मिले, जो अब तक के राष्ट्रपति चुनावों में सबसे ज़्यादा माने जा रहे हैं, यह आंकड़ा 2022 में यून सुक योल को मिले 1.63 करोड़ वोटों से भी अधिक है।

बदलाव और भरोसे का वादा

नेशनल असेंबली के सामने दिए गए अपने पहले भाषण में ली ने कहा कि वह लोकतंत्र की बहाली और देश में स्थिरता लाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। अपनी पत्नी किम ह्ये-क्युंग के साथ मंच पर खड़े होकर उन्होंने वादा किया, मैं एक ऐसा देश बनाना चाहता हूं जहां लोग असल में सत्ता के मालिक हों, जहां लोकतंत्र को पूरी तरह से बहाल किया जाए और जहां कोई तख्तापलट या विद्रोह की आशंका न हो। मेरी प्राथमिकता अर्थव्यवस्था को सुधारना और लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना होगा।

विपक्ष ने स्वीकार की हार, दी शुभकामनाएं

उनके प्रतिद्वंदी किम मून-सू ने भी अपनी हार को शालीनता से स्वीकारते हुए कहा, मैं जनता के फैसले का सम्मान करता हूं और ली जे-म्यांग को उनकी जीत के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

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