क्रिकेटर यश दयाल पर कानूनी शिकंजा, यौन उत्पीड़न मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेटर यश दयाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मैदान के प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि एक कानूनी मामले के कारण।
दरअसल, गाजियाबाद की एक महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दर्ज एफआईआर के संबंध में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। अदालत यह तय करेगी कि दयाल को दी गई गिरफ्तारी से राहत जारी रहेगी या नहीं।

6 जुलाई को दर्ज हुई थी एफआईआर
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में 6 जुलाई को एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में यश दयाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज किया गया था।
15 जुलाई को मिली थी अंतरिम राहत
इससे पहले 15 जुलाई को हाईकोर्ट ने यश दयाल को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि जब तक मामले की विस्तृत सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक एफआईआर के आधार पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने मांगा तीन पक्षों से जवाब
हाईकोर्ट ने मामले की पिछली सुनवाई के दौरान तीन पक्षों—पीड़िता, उत्तर प्रदेश सरकार, और इंदिरापुरम थाने के एसएचओ—को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह सभी पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही मामले की गहराई से समीक्षा करेगा।
एफआईआर रद्द करने की मांग
यश दयाल ने एफआईआर को निराधार बताते हुए हाईकोर्ट में इसे रद्द करने की याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि यह मामला उनकी छवि को धूमिल करने और पेशेवर जीवन को नुकसान पहुंचाने की नीयत से दर्ज कराया गया है।
डिवीजन बेंच करेगी सुनवाई
अब इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी, जिसमें जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अब्दुल शाहिद शामिल हैं।
आज की सुनवाई को क्रिकेटर यश दयाल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर न केवल उनकी कानूनी स्थिति, बल्कि उनके क्रिकेट करियर और सार्वजनिक छवि पर भी पड़ सकता है।
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