विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन: शेड्यूल जारी, डीएम ने राजनीतिक दलों को दी जानकारी
कुशीनगर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम का शेड्यूल निर्धारित कर दिया गया है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने इस संबंध में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और कार्यक्रम की बिंदुवार जानकारी दी।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां
जिलाधिकारी ने पुनरीक्षण कार्यक्रम को साझा करते हुए बताया कि निष्पक्ष और त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लापरवाही न बरतने की सख्त चेतावनी भी दी।
गतिविधि तिथि
सार्वजनिक नोटिस जारी (गतिविधि प्रारंभ) 30 सितंबर
नोटिस का प्रथम पुनर्प्रकाशन 15 अक्टूबर
नोटिस का द्वितीय पुनर्प्रकाशन 25 अक्टूबर
फॉर्म-19 में आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर
निर्वाचक नामावलियों का मुद्रण 20 नवंबर
दावे और आपत्ति दाखिल करने की अवधि 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक
निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 30 दिसंबर
उप जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव मिश्रा ने बताया कि खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए नए सिरे से निर्वाचक नामावली तैयार की जाती है।
त्रुटि रहित सूची बनाने पर ज़ोर
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित तहसीलदार, उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचक नामावली में पंजीकरण के लिए प्रारूप-19 में आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। डीएम ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे निर्वाचक नामावलियों की जानकारी, पात्र मतदाताओं को जागरूक करने के लिए एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे। उन्होंने दलों से किसी भी समस्या को तत्काल संज्ञान में लाने का आह्वान किया।
इस बैठक में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम अवध यादव, भाजपा के पदाधिकारी केशव नाथ उपाध्याय, बसपा के सुभाष भास्कर, कांग्रेस के पंचानंद मिश्रा और आम आदमी पार्टी के राम अवध गुप्ता सहित कई दलों के प्रतिनिधि तथा सभी संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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