कुशीनगर में लेप्टोस्पायरोसिस रोकथाम अभियान, 1600+ सफाईकर्मी जुटे, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण
पडरौना (कुशीनगर)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर कुशीनगर जनपद में लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर एक वृहद अभियान संचालित किया गया है। यह बीमारी मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों (चूहों, सूअरों) के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैलने वाला एक बैक्टीरियल संक्रमण (Zoonotic Disease) है।
स्वास्थ्य शिविर और रैपिड किट जांच
प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर सघन स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया है। मेडिकल टीमों ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों की जांच के लिए रैपिड किट का उपयोग किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 19 गांवों के 3750 घरों का सर्वे पूरा कर लिया है, और बुखार से पीड़ित बच्चों की जांच और इलाज किया जा रहा है।
वृहद साफ-सफाई अभियान
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पूरे जिले में सफाई और निरोधात्मक कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 980 ग्राम पंचायतों में कुल 1627 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। इनके माध्यम से वृहद साफ-सफाई, एन्टी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग, झाड़ियों की कटाई और नालियों की सफाई की गई है ताकि जल भराव खत्म हो सके।
सफाई कार्यों के लिए वित्त आयोग के टाइड ग्रांट से प्रत्येक ग्राम पंचायत में 25-25 मजदूरों को लगाया गया है, साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी मशीनों का उपयोग भी किया जा रहा है। प्रभावित ग्राम पंचायतों में पेयजल की सैंपलिंग कराई गई है, जिसकी रिपोर्ट सामान्य प्राप्त हुई है। रैट होल में जिंक फास्फाइड दवा डालने का अभियान भी चलाया गया है।
जागरूकता और अफवाहों से बचने की अपील
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने निगरानी समितियों का गठन कर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि “लेप्टोस्पायरोसिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो ज़ूनोटिक बीमारी है। अफवाहों से बचें, क्योंकि सामान्य बुखार को भी इस बीमारी से जोड़ा जा रहा है, जिससे पैनिक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोग अपने घरों के अंदर भी साफ-सफाई रखें।” छिछले हैंडपंपों पर लाल पेंट से क्रॉस का निशान लगाकर उनके उपयोग को हतोत्साहित किया गया है।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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