‘लांघी सीमाएं अपमान की, घड़ी ऐलान की…’, अखिलेश यादव के ट्वीट से बढ़ी सियासी हलचल
Sandesh Wahak Digital Desk: किसान नेता राकेश टिकैत पर हमले के बाद यूपी में सियासी हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर मुजफ्फरनगर में किसानों द्वारा महापंचायत का ऐलान किया गया है। वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव का ट्वीट सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला शुक्रवार शाम का है। जहां पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में किसान नेता राकेश टिकैत एक किसान यूनियन की सभा से लौट रहे थे। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव किया। जिसमें टिकैत को चोटें आई। मामले की जानकारी होते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
लांघी सीमाएं अपमान की
घड़ी आयी इस ऐलान की
बांध लो पगड़ी सम्मान की
‘किसान’ के हक़-मान की
न चिंता खेत-खलिहान की
न भूख-प्यास बलिदान की
अब बात आ गयी आन की
बांध लो पगड़ी सम्मान की pic.twitter.com/pgo6qFXEEb— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 3, 2025
तो वहीं इस हमले के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक कविता के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। जिसमें उन्होंने लिखा, ‘लांघी सीमाएं अपमान की,घड़ी आयी इस ऐलान की, बांध लो पगड़ी सम्मान की, किसान’ के हक़-मान की…’यह कविता न सिर्फ भावनात्मक है, बल्कि किसानों की पीड़ा और उनके सम्मान की लड़ाई को स्वर देती है।
इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह हमला किसानों की आवाज़ को दबाने की कोशिश है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषियों को सज़ा नहीं मिली, तो आंदोलन की राह फिर से पकड़ी जाएगी। सरकार की ओर से अब तक सिर्फ औपचारिक बयान आया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन विपक्ष इसे किसानों की आवाज़ को कुचलने की साज़िश बता रहा है।
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