Lucknow News: उत्तर भारत में लिवर ट्रांसप्लांट में बढ़ोतरी, जागरूकता और लिविंग डोनेशन से मिल रहा बल
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में लिवर से जुड़ी बीमारियां अब मौत का 8वां सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं। आंकड़े डराने वाले हैं, प्रदेश में हर साल करीब 60,000 लोग लिवर की समस्याओं के कारण दम तोड़ देते हैं। इस गंभीर चुनौती के बीच, अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने लिवर के इलाज और ट्रांसप्लांट की तमाम आधुनिक सुविधाओं को एक ही छत के नीचे लाकर मरीजों की राह आसान कर दी है।
अस्पताल के विशेषज्ञों का मानना है कि अब मरीजों और उनके परिवारों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। पहले लोग लिवर ट्रांसप्लांट के नाम से डरते थे, लेकिन अब वे समय रहते डॉक्टरों की सलाह ले रहे हैं। लिविंग लिवर डोनेशन (परिवार के सदस्य द्वारा लिवर दान) को लेकर भी स्वीकार्यता बढ़ी है, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा रही हैं।
3 महीने में 7 सफल ट्रांसप्लांट
डॉ. राजीव रंजन सिंह और डॉ. अभिषेक यादव के नेतृत्व में अस्पताल की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने पिछले तीन महीनों में 7 से अधिक सफल लिवर ट्रांसप्लांट कर एक मिसाल पेश की है। डॉ. अभिषेक यादव ने बताया कि फैटी लिवर की समस्या अब 35 से 50% आबादी को प्रभावित कर रही है, जो धीरे-धीरे लिवर फेल्योर का कारण बनती है। ऐसे में समय पर जांच ही एकमात्र बचाव है।

अपोलोमेडिक्स की खास सुविधाएं
बच्चों के लिए ट्रांसप्लांट: यूपी के गिने-चुने अस्पतालों में से एक, जहां बच्चों के लिवर ट्रांसप्लांट की विशेष सुविधा है।
इमरजेंसी सेटअप: अचानक लिवर फेल होने (Acute Liver Failure) की स्थिति में 24×7 इमरजेंसी ट्रांसप्लांट की तैयारी।
सफलता दर: यहां इलाज की सफलता दर 95% से भी अधिक है, जो देश के बड़े मेडिकल सेंटरों के बराबर है।
आर्थिक और मानसिक राहत: डॉ. मयंक सोमानी (MD & CEO) के अनुसार, घर के पास विश्वस्तरीय इलाज मिलने से मरीजों का दूसरे राज्यों (जैसे दिल्ली-एनसीआर) में जाने का खर्च और भागदौड़ कम हुई है।
Also Read: मदरसों में गीता पाठ की नसीहत पर मचा बवाल, ADG Raja Babu Singh ने दिया था बयान

