Lucknow News: सूक्ष्म वित्त ने बढ़ाई रोज़गार की उम्मीद, उत्तर प्रदेश में 53 लाख महिलाओं तक पहुंचा ऋण का सहारा
Lucknow News: राहजधानी लखनऊ के एक होटल में गुरुवार को बहुत ही महत्वपूर्ण और भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। माइक्रोफाइनेंस एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश (उपमा) ने अपने 8वें वार्षिक अधिवेशन में देश के बड़े-बड़े वित्तीय विशेषज्ञों को एक मंच पर इकट्ठा किया। इस साल इस जमावड़े का विषय था- माइक्रोफाइनेंस: रोजगार में सहायक। इसी थीम के इर्द-गिर्द विशेषज्ञों ने राज्य में रोज़गार बढ़ाने, नए उद्यम खोलने और आर्थिक सशक्तिकरण को बल देने पर अपनी बहुमूल्य राय रखी।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व उप-गवर्नर एमके जैन और SIDBI के पूर्व अध्यक्ष डॉ. क्षत्रपति शिवाजी ने, जो विशेष रूप से मुंबई से आए थे। दोनों ही महानुभावों ने सूक्ष्म वित्त के महत्व, इसके भविष्य और उत्तर प्रदेश की आर्थिक तरक्की में इसकी भूमिका पर गहन चर्चा की।

इस मौके पर एक खास रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें बताया गया कि कैसे सूक्ष्म वित्त संस्थानों ने गाँव और शहर, दोनों जगहों पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करने और नौकरियाँ पैदा करने में अहम भूमिका निभाई है।
इस अधिवेशन में देश की प्रमुख वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जैसे कि गणेश नारायणन (क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण), विवेक तिवारी (सत्या माइक्रो कैपिटल एवं चेयरमैन, उपमा), अनूप सिंह (सोनाटा फाइनेंस) और प्रमोद कुमार पाण्डेय (उत्कर्ष बैंक)।

उपमा के चेयरमैन विवेक तिवारी ने बताया कि इस बैठक में ग्राहकों की जरूरतें, जिम्मेदारी से लोन देना, आरबीआई के नियमों का पालन और व्यापार बढ़ाने के तरीकों जैसे अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वहीं, उपमा के मंत्री पारस वासनिक ने कहा कि यह हमारा आठवां सालाना अधिवेशन है और हमें पूरा भरोसा है कि यह सूक्ष्म वित्त जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए फायदेमंद और प्रेरणादायक साबित होगा।
सबसे दिलचस्प जानकारी उपमा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुधीर सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म वित्त का कारोबार लगभग 15,137 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। इसमें करीब 53 लाख महिला ग्राहक जुड़ी हैं और हर ग्राहक को औसतन 55,045 रुपये का लोन मिल रहा है। खास बात यह है कि सूक्ष्म वित्त की सेवाएं अब प्रदेश के हर एक जिले में उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम के अंत में उन लोगों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सूक्ष्म वित्त के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इनमें नवनीत कुमार सहगल (आईएएस, प्रसार भारती), अमिताभ यश (आईपीएस), शैलेंद्र कुमार सिंह (बैंक ऑफ बड़ौदा) और सुजीत पांडेय (आईपीएस) जैसे गणमान्य लोग शामिल थे।
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