लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को लगाई फटकार, बोले– “जनता सब देख रही है”
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों को सख्त लहजे में फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र का मंदिर है और यहां होने वाली चर्चा हमेशा गरिमामय रहनी चाहिए। लेकिन इस बार विपक्ष का आचरण लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने साफ कहा कि “देश की जनता सब देख रही है कि किस तरह अहम मुद्दों पर चर्चा को लगातार बाधित किया जा रहा है।”
लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से अपील की कि वे संसद के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी अपनी भाषा और आचरण गरिमामय रखें। उन्होंने कहा कि संसद में जनता की उम्मीदों और समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए, न कि हंगामा और नारेबाजी से माहौल बिगाड़ना चाहिए।
37 घंटे में ही सिमटी चर्चा
ओम बिरला ने बताया कि मानसून सत्र में कुल 419 सवाल पूछे गए, लेकिन इनमें से केवल 55 सवालों के ही मौखिक उत्तर दिए जा सके। पूरा सत्र 120 घंटे चलना था, लेकिन हंगामे और कार्यवाही बाधित होने की वजह से केवल 37 घंटे की ही चर्चा हो पाई। इसके बावजूद सदन में 12 विधेयक पारित किए गए।
अध्यक्ष ने कहा कि यह समय सभी राजनीतिक दलों के लिए आत्मचिंतन का है। एक महीने लंबे चले इस सत्र में बहुत से अहम मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हो पाई, क्योंकि बार-बार विपक्ष ने कार्यवाही रुकवाई। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि अगर सांसद सहयोग करते तो जनता से जुड़े कई गंभीर विषयों पर विस्तृत बहस हो सकती थी।
विपक्ष का विरोध जारी
गौरतलब है कि यह सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था और विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग को लेकर लगभग रोज ही कार्यवाही बाधित की। अंत में, ओम बिरला ने अपने समापन भाषण के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा अध्यक्ष की इस कड़ी टिप्पणी ने साफ कर दिया है कि संसद की गरिमा को बनाए रखने के लिए सभी दलों को मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि जनता का विश्वास और लोकतंत्र की मजबूती बनी रहे।
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