‘खोई हुई उम्मीद और कीमती यादें लौटीं’, लखनऊ GRP ने 287 लोगों को सौंपे उनके गुमशुदा मोबाइल, खिले हजारों चेहरे
Sandesh Wahak Digital Desk: जकीय रेलवे पुलिस (GRP) लखनऊ अनुभाग ने ‘जनसेवा’ और ‘तकनीकी सतर्कता’ की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पुलिस अधीक्षक जीआरपी लखनऊ, रोहित मिश्रा के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत सर्विलांस टीम ने देश के विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 287 खोए हुए मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मंगलवार को जीआरपी पुलिस लाइन के सभागार में इन मोबाइलों को उनके असली स्वामियों को सुपुर्द किया गया।

70 लाख रुपये है बरामद मोबाइलों की कीमत
बरामद किए गए 287 मोबाइल फोन विभिन्न नामी कंपनियों के महंगे मॉडल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। एसपी जीआरपी ने बताया कि ये वे मोबाइल थे जो यात्रियों के यात्रा के दौरान गिर गए थे या कहीं छूट गए थे। इन गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए सर्विलांस सेल और थानों की टीमों ने दिन-रात एक कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन्हें ट्रैक किया।

अपना ‘डिजिटल साथी’ पाकर खिल उठे चेहरे
पुलिस लाइन में जब मोबाइल स्वामियों को उनके खोए हुए फोन वापस मिले, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई यात्रियों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा। मोबाइल फोन केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि लोगों के डेटा और यादों का संग्रह होता है। अपना फोन वापस पाकर नागरिकों ने जीआरपी लखनऊ पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया और यूपी पुलिस की इस कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की।

टीम की मेहनत और एसपी का विजन
एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्रों का स्वयं संज्ञान लिया था। उन्होंने सर्विलांस टीम को सख्त निर्देश दिए थे कि नागरिकों की इस निजी संपत्ति को बरामद करना प्राथमिकता होनी चाहिए। टीम के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज इतनी बड़ी संख्या में रिकवरी संभव हो सकी है।

