Lucknow: ‘फुले’ फिल्म पर लगी रोक के विरोध में AAP का प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प

Sandesh Wahak Digital Desk: पिछड़ा दलित वंचित शोषित समाज के लोगों को सर्वप्रथम शिक्षा देने,उनके लिए विद्यालय खोलने वाले महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले महाराज और उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले के जीवन पर बनी फिल्म को केंद्र सरकार के इशारे पर सेंसरबोर्ड द्वारा रिलीज करने से रोका गया जिसके विरोध में आम आदमी पार्टी ने सोमवार 21 अप्रैल को प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी के नेतृत्व में जीपीओ हजरतगंज पर आप कार्यकर्ताओं ने ज्योतिबा फुले अमर रहें, सेंसरबोर्ड मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आप कार्यकताओं और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। प्रशासन ने पुलिस बल लगाकर जिला अध्यक्ष इरम रिजवी को सुबह ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

आंदोलन और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला

अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि यह सेंसरशिप केवल एक फिल्म पर नहीं, बल्कि पूरे दलित आंदोलन और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला है। जब ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘केरल स्टोरी’ जैसी नफरत फैलाने वाली फिल्मों को सरकार प्रचारित करती है, तब ‘फूले’ जैसी ऐतिहासिक, संवेदनशील और प्रेरणादायक फिल्म को रोका जाना एक सोची-समझी राजनीतिक साज़िश है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक फिल्म की नहीं, सामाजिक न्याय, इतिहास और पहचान की लड़ाई है, जिसे आम आदमी पार्टी पूरे दमखम से लड़ेगी। “हम चुप नहीं रहेंगे। यह इतिहास को मिटाने की कोशिश है, और आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ेगी।”

इरम रिजवी ने कहा कि फुले फिल्म को रिलीज होने रोका जाना महान समाज सुधारकों की विरासत और संघर्ष को दबाने की कोशिश है, जिन्होंने देश में समानता और शिक्षा की लड़ाई लड़ी।

लखनऊ जिला अध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले और ज्योति फूले के जीवन पर आधारित बहुचर्चित फिल्म ‘फूले’ को सेंसर बोर्ड द्वारा 16 कट्स लगाने के बाद 11 अप्रैल को रिलीज़ होने से रोक दिया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। यह निर्णय उन महान समाज सुधारकों की विरासत और संघर्ष को दबाने की कोशिश है, जिन्होंने देश में समानता और शिक्षा की लड़ाई लड़ी।

भाजपा पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि यह घटना भारतीय जनता पार्टी की असल सोच को उजागर करती है। एक ओर वे संविधान, बाबा साहेब और दलित अधिकारों की बातें करते हैं, और दूसरी ओर जब कोई फिल्म समाज के शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाती है, तो उसे सेंसर के बहाने रोका जाता है। यह दोहरापन अब देश से छुपा नहीं है।

विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अयोध्या प्रांत के अध्यक्ष विनय पटेल, जिला अध्यक्ष इरम रिजवी, निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, वरिष्ठ नेता प्रिंस सोनी, शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे, सुभाषिनी मिश्रा, इस्मा जहीर, शैलेंद्र राठौर, सी के प्रसाद, अंकित परिहार, पंकज यादव, तुषार श्रीवास्तव,ललित वाल्मीकि, अनीत रावत, संजय चौधरी, ज्ञान सिंह, साहिल अंसारी, आफताब अंसारी, मोहित सिंह, मनोज मिश्रा, रमन पाण्डेय, मोहित दुबे, माजिद, असद अब्बास, रानी कुमारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Also Read: Lucknow: शराब की दुकानों के विरोध में राजधानी में प्रदर्शन, लोगों ने जिलाधिकारी से की ये मांग

 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.