लखनऊ हादसा: खुले नाले में बहकर गई सुरेश की जान, लापरवाही पर JE सस्पेंड, ठेकेदार पर FIR

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, मृतक परिवार को 5 लाख की सहायता

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में बीते शनिवार को हुई बारिश एक परिवार के लिए काल बनकर आई। भारी बारिश के बीच सड़क पार करते समय 38 वर्षीय सुरेश खुले नाले में गिरकर बह गए। 30 घंटे की तलाश के बाद उनका शव रविवार को आईआईएम रोड बंधा के पास बरामद हुआ। यह हादसा नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही की एक और दुखद मिसाल बन गया।

CM Yogi Adityanath

JE निलंबित, AE को नोटिस, ठेकेदार पर FIR

हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस गंभीर घटना का संज्ञान लिया और नगर विकास विभाग को दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद रविवार को नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अवर अभियंता (JE) रमन कुमार को निलंबित कर दिया गया।

साथ ही सहायक अभियंता (AE) आलोक कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा गया है। वहीं ठेकेदार अंकित कुमार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। नगर निगम उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और आर्थिक दंड लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है।

मृतक सुरेश की फाइल फोटो

हादसे का पूरा घटनाक्रम

राधाग्राम निवासी सुरेश शनिवार को किसी काम से बाहर निकले थे। बारिश इतनी तेज थी कि सड़कों पर जलभराव हो गया था। इसी दौरान सड़क पार करते हुए सुरेश खुले नाले में गिर गए और बहते चले गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तेज बहाव के आगे कुछ नहीं कर सके। करीब 30 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला, जिसके बाद रविवार को उनका शव बरामद हुआ।

जनता का गुस्सा और सवाल

हादसे के बाद क्षेत्र में भारी नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल मानसून से पहले नगर निगम बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन हकीकत में सिर्फ कागज़ी तैयारियां होती हैं। लोगों ने कहा कि जलभराव और खुले नालों को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन JE रमन कुमार और संबंधित अधिकारियों ने कोई गंभीर कदम नहीं उठाया।

क्या बोले नगर आयुक्त?

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि JE रमन कुमार को इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि वह क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था और निरीक्षण के जिम्मेदार थे। आईजीआरएस और कंट्रोल रूम पर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। AE आलोक कुमार से यह पूछा गया है कि समय रहते नाले की सफाई और व्यवस्था क्यों नहीं की गई, और यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

मुख्यमंत्री की संवेदना और चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Also Read: लखनऊ में व्यापारियों ने रक्षा मंत्री से की मुलाकात, बिजली दरों में बढ़ोतरी और 6 मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Get real time updates directly on you device, subscribe now.