Lucknow News: ट्रेन के आगे गर्दन रखकर प्रेमी जोड़े ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मुझे मेरा कान्हा मिल गया

Lucknow News: लखनऊ में शनिवार दोपहर करीब पौने दो बजे आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास जलालपुर फाटक पर सन्नाटा तब चीख में बदल गया, जब एक 40 साल के पुरुष और 25 साल की युवती ने चलती ट्रेन के नीचे अपनी गर्दन रख दी। मरने वालों की पहचान सूर्यकांत और दीपाली के रूप में हुई है। दीपाली की मांग में सिंदूर भरा था, जो इशारा कर रहा था कि मौत को गले लगाने से पहले शायद दोनों ने सात फेरे लिए थे।

सूर्यकांत लखनऊ के निलमथा इलाके का रहने वाला था और उसकी शादी 10 साल पहले हुई थी। घर में एक साल का मासूम बेटा और पत्नी सविता थी। पुलिस के मुताबिक, सूर्यकांत का अपनी कलीग दीपाली के साथ अफेयर चल रहा था। 8 जनवरी को सूर्यकांत ने अपनी पत्नी और बेटे को ससुराल छोड़ा और उसके बाद वह दीपाली के साथ लापता हो गया। दीपाली के घरवाले उसकी तलाश में सुशांत गोल्फ सिटी थाने के चक्कर काट रहे थे।

मौके से पुलिस को दो मोबाइल, कपड़े भरे बैग और दो सुसाइड नोट मिले हैं। इन खतों में जो लिखा है, वह दिल को झकझोर देने वाला है।

दीपाली का खत: उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा, मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना, मैं आप लोगों को हर्ट नहीं करना चाहती थी। मुझे मेरा कान्हा (सूर्यकांत) मिल गया।

सूर्यकांत का खत: उसने अपनी पत्नी के नाम संदेश छोड़ा, सविता मुझे माफ कर देना, मेरा पहला प्यार तुम ही हो।

सीसीटीवी में दिखा ढाई घंटे का इंतजार

पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि सुसाइड करने से पहले दोनों आलमनगर स्टेशन पर करीब ढाई घंटे तक टहलते रहे। वे शायद किसी दुविधा में थे या सही वक्त का इंतजार कर रहे थे। बैग में रखे कपड़ों से लग रहा था कि वे पहले कहीं भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने मौत का रास्ता चुन लिया।

किराए के कमरे में गुजारे आखिरी तीन दिन

लापता होने के बाद ये दोनों सुसाइड से तीन दिन पहले अंसल सिटी इलाके में एक कमरा किराए पर लेकर साथ रहे थे। सूर्यकांत ने वहां एडवांस किराया भी दिया था। पुलिस अब उस मकान मालिक से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

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