लखनऊ बना देश का पहला डॉग नसबंदी ट्रेनिंग हब, अब देशभर के निकाय यहां सीखेंगे ‘Street Dog Control’ का तरीका
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Sandesh Wahak Digital Desk: विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर जहां एक ओर देशभर में युवाओं के हुनर को संवारने की बात हो रही है, वहीं राजधानी लखनऊ ने एक अनोखी और बेहद जरूरी पहल की है – आवारा कुत्तों की नसबंदी की ट्रेनिंग का राष्ट्रीय केंद्र।
नगर निगम लखनऊ ने इंदिरा नगर स्थित जरहरा पशु चिकित्सालय में देश का पहला ऐसा प्रशिक्षण केंद्र बनाया है, जहां अब देशभर के नगर निगमों और नगरपालिकाओं को आवारा कुत्तों की नसबंदी कैसे की जाए, इसकी बकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। इस केंद्र की स्थापना में करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और पहला बैच अगले 15 दिनों में शुरू होने जा रहा है।
लखनऊ सहित देश के तमाम शहरों में आवारा कुत्तों का आतंक अब आम बात हो गई है। कभी बच्चों को दौड़ाना, तो कभी राह चलते लोगों को काट लेना – ऐसे कई हादसे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण के लिए नसबंदी को सबसे प्रभावी तरीका माना गया है, लेकिन समस्या यह है कि कई शहरों में इसके लिए न तो संसाधन हैं और न ही प्रशिक्षित टीम।
प्रदेश सरकार ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिए कि वो इस विषय में अन्य नगर निकायों को प्रशिक्षित करे। इसी क्रम में जरहरा पशु चिकित्सालय में यह अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर में यह सिखाया जाएगा कि नसबंदी कैसे की जाए, स्टाफ को कैसे प्रशिक्षित करें, अस्पताल की संरचना कैसी होनी चाहिए और कुत्तों को पकड़ने व छोड़ने के बाद की प्रक्रिया क्या होगी।
लखनऊ समेत देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों का आतंक अब एक आम चिंता बन चुका है।
कभी बच्चों को दौड़ाकर डराना,
तो कभी राह चलते लोगों को नोच लेना ऐसे हादसों में कई मासूमों की जान भी गई है।
पिछले 2-3 वर्षों में लखनऊ में 10 से ज्यादा गंभीर हमलों की पुष्टि मीडिया रिपोर्ट्स में हुई है।
अप्रैल 2022 में ठाकुरगंज में 8 साल के बच्चे की मौत,
मई 2024 में राजाजीपुरम में 10 वर्षीय लड़के पर हमला,
जून 2025 में कुर्सी रोड पर बच्ची पर दो बार हमला,
और फरवरी 2024 में साहारा सिटी में मां-बेटे पर हमला –
इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि स्थिति कितनी भयावह है।
आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण का सबसे असरदार तरीका नसबंदी ही है। लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ और सही प्रक्रिया की कमी इसे लागू करने में सबसे बड़ी रुकावट रही है।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के अनुसार, मुंबई की संस्था ‘ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनीमल वेलफेयर’ को ट्रेनिंग देने के लिए चुना गया है। यह संस्था पहले से लखनऊ में नसबंदी अभियान चला रही है और इसके पास वर्षों का अनुभव है। मंगलवार को संस्था के प्रतिनिधियों के साथ दरों व अन्य बिंदुओं पर चर्चा भी की गई। अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव ने बताया कि यह सेंटर प्रमुख सचिव नगर विकास के विशेष प्रयासों से बन पाया है और यह पूरे देश के लिए मॉडल के रूप में काम करेगा। क्या पहले कभी जानवरों की नसबंदी की ट्रेनिंग दी गई है? यह देश का पहला ऐसा केंद्र है, जहां नसबंदी की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे पहले इस तरह की कोई सेंट्रलाइज व्यवस्था नहीं थी।
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