लखनऊ: सीएमएस प्रबंधन को करोड़ों का झटका, निर्माण से जुड़े विवाद में आया फैसला
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम में टेम्पो स्टैंड के नजदीक स्थित सीएमएस की नई शाखा के निर्माण में मनमानी करने पर स्कूल प्रबंधन को तगड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट द्वारा अधिकृत सोले आर्बिट्रेटर ने निर्माण विवाद से जुड़े प्रकरण में मेगा इंफ्रा डेवलपर्स के पक्ष में फैसला सुनाते हुए करोड़ों रुपये का मुआवजा दो माह में देने को कहा है।
मेगा इंफ्रा डेवलपर्स को बड़ी राहत, मनमानी कर रोका था भुगतान
दरअसल यह मामला स्कूल प्रशासन द्वारा रोकी गई करोड़ों की राशि और निर्माण में कथित खामियों के आरोपों से संबंधित था। राजाजीपुरम स्थित टेम्पो स्टैंड के पास और पेट्रोल पंप के पीछे सीएमएस की नई शाखा का निर्माण मेगा इंफ्रा डेवलपर्स द्वारा कराया जा रहा था। निर्माण लगभग पूरा होने ही वाला था कि अचानक स्कूल प्रशासन ने बिना किसी औपचारिक अनुमति और हैंडओवर के न सिर्फ शाखा शुरू कर दी बल्कि कक्षाएं भी आरंभ हो गई। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने कमियों का हवाला देते हुए बड़ा भुगतान रोक दिया। नतीजतन विवाद मध्यस्थता के स्तर तक तक पहुंच गया।
लगभग दो वर्षों की सुनवाई के बाद मध्यस्थ ने अपना निर्णय मेगा इंफ्रा डेवलपर्स के पक्ष में सुनाते हुए सीएमएस की मनमानी पर करारा प्रहार किया है। सीएमएस के सभी आरोप खारिज करके डेवलपर्स के काउंटर क्लेम को स्वीकार करते हुए धनराशि और दस फीसदी ब्याज देने का आदेश दिया है। बिना हैंडओवर शाखा शुरू करने और भुगतान रोकने से सीएमएस की मंशा पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। मेगा इंफ्रा डेवलपर्स ने कहा कि यह सत्य और न्याय की जीत है।
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