लखनऊ से बाहर किया गया शातिर अपराधी अस्तर अब्बास, ‘गुंडा एक्ट’ के तहत बड़ी कार्रवाई

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की कानून व्यवस्था को सुरक्षित रखने और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर न्यायालय ने एक कड़ा फैसला सुनाया है। सआदतगंज क्षेत्र के रहने वाले शातिर अपराधी अस्तर अब्बास को ‘उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970’ के तहत लखनऊ जनपद की सीमा से 6 माह के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

क्यों हुई यह कार्रवाई?

अस्तर अब्बास पर लखनऊ के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और जानलेवा हमले जैसे कुल 11 संगीन मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से सआदतगंज और आसपास के इलाकों में अपनी दबंगई के लिए जाना जाता था।

अदालत में सुनवाई के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन अवधेश कुमार सिंह ने कड़ा तर्क दिया कि इस अपराधी के बाहर रहने से आम जनता में असुरक्षा का माहौल है और सार्वजनिक शांति भंग हो रही है। सबूतों और आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस आयुक्त न्यायालय ने उसे ‘गुंडा’ घोषित करते हुए शहर से बाहर निकालने का आदेश दिया।

कौन है अस्तर अब्बास?

नाम: अस्तर अब्बास पुत्र आरिफ

पता: मकान संख्या 370/388, हाता नूरबेग (वीसीएन टावर के पास), थाना सआदतगंज, लखनऊ।

अपराधिक रिकॉर्ड: कैसरबाग, तालकटोरा, चिनहट, पारा और हसनगंज जैसे थानों में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।

अगले 6 महीने के लिए पाबंदी

अब अस्तर अब्बास अगले 6 महीनों तक लखनऊ जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि वह इस अवधि के दौरान शहर के भीतर पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के उल्लंघन की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। लखनऊ पुलिस के इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और अपराधियों को कड़ा संदेश देना है।

 

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