LDA में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, कमिश्नर ने पकड़ा इंजीनियर का झूठ, उच्च स्तरीय जांच शुरू

Lucknow News: राजधानी लखनऊ के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले एलडीए में भ्रष्टाचार और कामचोरी के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कमिश्नर विजय विश्वास पंत और एलडीए उपाध्यक्ष (VC) ने खुद मोर्चे पर उतरकर तीन अलग-अलग इंजीनियर्स के झूठ को पकड़ा है। फर्जी मेडिकल रिपोर्ट से लेकर सीएम पोर्टल पर गलत जानकारी देने तक, हर स्तर पर हुई लापरवाही की अब उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है।

सीएम पोर्टल पर फर्जी निस्तारण का खेल

अवर अभियंता (JE) आशीष श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने अवैध निर्माण से जुड़ी एक शिकायत का निपटारा करने के बजाय शासन को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेज दी। मुख्यमंत्री पोर्टल पर उन्होंने मामला ‘सुलझा हुआ’ दिखाया, जबकि हकीकत में कोई कार्रवाई ही नहीं हुई थी। कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने इसे शासन की आंखों में धूल झोंकना माना है और अपर आयुक्त प्रशासन को 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दूसरा मामला और भी हैरान करने वाला है। अवर अभियंता दिनेश कुमार को उनके जोन के 275 अवैध निर्माणों को ढहाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने केवल 180 पर ही कार्रवाई की। जब अधिकारियों ने सख्ती दिखाई, तो दिनेश कुमार ने अचानक एक चर्म रोग विशेषज्ञ (Skin Doctor) का पर्चा लगाकर मेडिकल लीव डाल दी। जोनल अधिकारी विराग करवरिया ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि यह मेडिकल रिपोर्ट केवल अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई टालने के लिए एक बहाना था।

जूनियर इंजीनियर हेमंत वर्मा का झूठ तो खुद एलडीए उपाध्यक्ष ने पकड़ा। हेमंत ने आईजीआरएस पोर्टल पर रिपोर्ट लगाई थी कि भिठौली खुर्द में एक अवैध निर्माण सिर्फ 1000 वर्ग फीट में है। जब संयुक्त सचिव ने इसकी जांच की, तो पता चला कि निर्माण काफी बड़े इलाके में था और इंजीनियर ने जानबूझकर इसका केस (वाद) दर्ज ही नहीं कराया था ताकि निर्माण चलता रहे।

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