Lucknow: जाली प्लॉट बेचकर लाखों की ठगी करने वाला H.R. Infra कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार, लग्ज़री गाड़ियां भी जब्त

Sandesh Wahak Digital Desk: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन अंतर्गत मोहनलालगंज थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। फर्जी जमीन रजिस्ट्री कर करोड़ों की ठगी करने वाले H.R. Infra Vision Pvt. Ltd. के एडिशनल डायरेक्टर मदनराम को पुलिस ने बलिया के राजा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से ठगी के पैसों से खरीदी गई इनोवा क्रिस्टा कार भी बरामद की गई है।

फौजी को बनाया शिकार, 1500 वर्गफुट जमीन का सपना दिखाकर लूटे पैसे

बता दें कि पूरे मामले की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई, जब राजीवनगर, तेलीबाग निवासी नीलाम्बर झा ने पुलिस में शिकायत दी कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर मऊ में 1500 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री H.R. Infra Vision कंपनी से करवाई थी। लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें जमीन का कब्जा नहीं दिया गया। पीड़ित उस समय सेना में तैनात थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने धोखाधड़ी कर डाली।

इस केस समेत कुल 19 शिकायतें मोहनलालगंज थाने में दर्ज हैं। पुलिस पहले ही इस गैंग के सरगना प्रमोद उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब मदनराम की गिरफ्तारी से ठगे गए अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

प्लॉट दिखा कर की ठगी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मदनराम अपने साथियों प्रमोद और विनोद उपाध्याय के साथ मिलकर, खुद को प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी का प्रतिनिधि बताकर भोले-भाले लोगों को प्लॉट बेचने का झांसा देता था। रजिस्ट्री होने के बाद पता चलता था कि या तो जमीन है ही नहीं, या कंपनी का उस पर कोई कानूनी हक नहीं है। ज्यादातर मामलों में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान निशाने पर होते थे, क्योंकि वे शहर से बाहर रहते थे और पूरी जांच नहीं कर पाते थे।

पूछताछ में कबूला – सब मिलकर बांटते थे मुनाफा

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मदनराम ने बताया कि वह अपने गांव के साथी प्रमोद और विनोद के कहने पर कंपनी से जुड़ा और उन्हें मुनाफे का लालच देकर एडिशनल डायरेक्टर बना दिया गया। हर रजिस्ट्री के बाद मिलने वाला पैसा आपस में बांटा जाता था।

लूट के पैसे से खरीदी गई लग्ज़री गाड़ियां, बैंक अकाउंट भी सीज़

  • इनोवा क्रिस्टा (UP-32-MX-9415)
  • टाटा सफारी (UP-60-X-0022)
  • स्विफ्ट डिजायर (UP-32-HE-0022)
  • बोलेरो (UP-32-LE-6297)

साथ ही गैंग के 19 बैंक खातों को सीज़ किया गया है, जिनमें करीब 15 लाख रुपये जमा हैं। मदनराम के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में पहले से ही कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, गबन, आपराधिक साजिश और धमकी देने जैसी धाराएं शामिल हैं।

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