लखनऊ: सीजी सिटी वेटलैंड में उमड़ा पर्यावरण प्रेमियों का सैलाब,पेंटिंग और चर्चाओं से मिला प्रकृति बचाने का संदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के व्यस्त कंक्रीट के जंगल के बीच बसी एक शांत दुनिया यानी सीजी सिटी अर्बन वेटलैंड में मंगलवार को प्रकृति का एक अद्भुत उत्सव देखने को मिला। ‘वेटलैंड डे’ के खास मौके पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने एक ऐसा आयोजन किया, जहां परिंदों की चहचहाहट और मासूम बच्चों की रचनात्मकता एक साथ नजर आई।

शहर की भागदौड़ से दूर, सीजी सिटी के शांत जलक्षेत्र और हरियाली के बीच मंगलवार को पर्यावरण और इंसान के बीच एक गहरा जुड़ाव देखने को मिला। एलडीए द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में न केवल विशेषज्ञों ने वेटलैंड्स के महत्व को समझाया, बल्कि नई पीढ़ी ने भी शपथ ली कि वे इस प्राकृतिक विरासत को सहेज कर रखेंगे।
दूरबीन से निहारा परिंदों का संसार
कार्यक्रम का आगाज सुबह ठीक 7:00 बजे ‘बर्ड वॉचिंग’ के साथ हुआ। कड़कड़ाती सुबह की ओस के बीच, स्कूली बच्चे और पक्षी प्रेमी दूरबीन और कैमरों के साथ वेटलैंड के किनारों पर डटे रहे। विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि ये पक्षी हमारे इकोसिस्टम के कितने जरूरी हिस्से हैं। पंख फैलाकर पानी की सतह पर अठखेलियां करते पक्षियों को देखकर बच्चे रोमांचित हो उठे।

इसी दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने वेटलैंड की नवनिर्मित वॉल और सोवेनियर शॉप का उद्घाटन किया। उन्होंने एलडीए के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शहरी विकास के बीच इस तरह का ‘अर्बन वेटलैंड’ विकसित करना पर्यावरण संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण है।

कैनवास पर उतरा प्रकृति का प्रेम
बच्चों ने अपनी कल्पनाओं के रंगों से वेटलैंड को और भी खूबसूरत बना दिया। पेंटिंग प्रतियोगिता में परिंदों और नीले पानी की आकृतियां उकेरी गईं। प्रतियोगिता में भाविका यादव ने बाजी मारी, जबकि लक्ष्मी वर्मा और जानवी क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहीं। ‘एक्सटेम्पोर’ (भाषण) प्रतियोगिता में प्रीति यादव ने अपने ओजस्वी विचारों से वेटलैंड संरक्षण की जरूरत पर बल देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोमती टास्क फोर्स के साथ मिलकर बच्चों ने स्वच्छता अभियान भी चलाया, जिससे यह संदेश गया कि संरक्षण केवल बातों से नहीं, सफाई से शुरू होता है।

‘वेटलैंड केवल तालाब नहीं, जीवन का आधार हैं’
दोपहर के सत्र में एक गंभीर पैनल डिस्कशन हुआ। इसमें डीएफओ सितांशु पाण्डेय और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के पूर्व निदेशक डॉ. असद रहमानी जैसे दिग्गजों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने एक सुर में कहा कि वेटलैंड्स भूजल (Groundwater) रिचार्ज करने और बाढ़ नियंत्रण में फेफड़ों की तरह काम करते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक का त्याग करें और अपने आस-पास के जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएं।

कॉफी टेबल बुक और लोगो का अनावरण
कार्यक्रम के अंत में आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह और एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। इस मौके पर सीजी सिटी अर्बन वेटलैंड का आधिकारिक लोगो और एक खूबसूरत कॉफी टेबल बुक भी लॉन्च की गई। एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि सोवेनियर शॉप के जरिए लोग अब वेटलैंड से जुड़ी यादें अपने साथ ले जा सकेंगे, जिससे इसके संरक्षण के लिए फंड भी जुटाया जा सकेगा।
यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि लखनऊ के नागरिकों के लिए अपनी प्रकृति को फिर से पहचानने का एक सुखद अवसर साबित हुआ।
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