Lucknow: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, नौकरी का झांसा देकर करते थे लाखों की ठगी, 4 शातिर गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन की सरोजनीनगर थाना पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एयरलाइंस कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर लाखों की ऑनलाइन ठगी कर चुका है।

कैसे हुआ पर्दाफाश

दिनांक 17 जून 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आउटर रिंग रोड, कानपुर अंडरपास लखनऊ के पास एक इमारत में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहां से ऑनलाइन जालसाजी की जा रही है। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने बिल्डिंग के प्रथम तल पर स्थित “स्काई नेट इंटरप्राइजेज” नामक दुकान पर दबिश दी, तो वहाँ एक पुरुष और तीन महिलाएं कंप्यूटर और मोबाइल पर काम करते पाए गए।

पुलिस को देख सभी घबरा गए और मौके पर ही चारों को हिरासत में ले लिया गया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण, मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी नियुक्ति पत्र, इंटरव्यू लेटर और शिकायत पत्र बरामद किए गए।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी एयरलाइंस कंपनियों के नाम से ऑनलाइन नौकरी दिलाने का लालच देकर लोगों से संपर्क करते थे। व्हाट्सएप, मोबाइल कॉल और ईमेल के जरिए आवेदकों को फंसाकर उनसे ऑनलाइन रुपये वसूलते थे। फिर उन्हें कूटरचित (फर्जी) नियुक्ति पत्र भेज देते। जैसे ही कोई शक करता या अधिक जानकारी मांगता, उसका नंबर ब्लॉक कर देते।

गिरफ्तार आरोपी

  • कुलदीप (40 वर्ष) – पुत्र स्व. उमराव सिंह, निवासी: फ्लैट नं. 1404/02, पार्थ रिपब्लिक, दरोगाखेड़ा, लखनऊ। मूल निवासी: वेसवारा, लालगंज, रायबरेली। (पूर्व में दिल्ली में ड्राइवर था)
  • प्रियंका (20 वर्ष) – पुत्री मूलचंद कश्यप, निवासी: कंचनपुरी, सरोजनीनगर, लखनऊ।
  • शालू (21 वर्ष) – पुत्री सर्वजीत विश्वकर्मा, निवासी: चनखरा, थाना बंथरा, लखनऊ।
  • आंचल शर्मा (20 वर्ष) – पुत्री दीपक शर्मा, निवासी: त्रिमूर्ति नगर, सरोजनीनगर, लखनऊ।
  • गिरोह में दो और सदस्य संदीप सिंह और संतोष अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

बरामदगी का विवरण

  • 04 स्मार्टफोन
  • 04 कीपैड मोबाइल
  • 05 लैपटॉप
  • 04 लैपटॉप चार्जर
  • 04 कीबोर्ड
  • 02 जियो इंटरनेट डिवाइस
  • 1 कार (UP32JP7213) – सीज कर दी गई

दर्ज केस

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सरोजनीनगर में मु.अ.सं. 209/2025 अंतर्गत धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी के लिए DCRB को रिपोर्ट भेजी गई है।

ठगी का तरीका (Modus Operandi)

यह गिरोह कॉल सेंटर की आड़ में एयरलाइंस कंपनियों में फर्जी नियुक्ति की प्रक्रिया चलाता था। सोशल मीडिया, कॉल और मैसेज के जरिए लोगों को लुभाया जाता था। जब पीड़ित पैसे भेज देता, तो उसे फर्जी लेटर भेजकर संपर्क बंद कर दिया जाता। ये अपराधी पूरी साजिश के साथ मासूम लोगों को ठगकर ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे।

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