लखनऊ: अपराध से बनाई ‘फॉर्च्यूनर’ अब पुलिस के कब्जे में, गैंगेस्टर विशाल यादव पर बड़ा एक्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में अपराध की दुनिया के जरिए विलासिता का जीवन जीने वाले शातिर अपराधी विशाल यादव उर्फ धर्म सिंह यादव के खिलाफ लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत पुलिस ने विशाल यादव की लगभग 50.87 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया।
शौक और लालच ने बनाया अपराधी
पुलिस के मुताबिक, इंदिरा नगर के जरहरा निवासी विशाल यादव मूल रूप से एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था। लेकिन रातों-रात अमीर बनने की चाहत और महंगी गाड़ियों के शौक ने उसे जुर्म की दुनिया में धकेल दिया। साल 2016 में पहला मुकदमा दर्ज होने के बाद उसने अपना एक संगठित गिरोह बना लिया और जालसाजी व गुंडागर्दी के जरिए अवैध वसूली शुरू कर दी।
धोखाधड़ी की कमाई से बना लिया गाड़ियों का काफिला
विवेचना में यह बात सामने आई कि विशाल ने पीड़ितों को झांसे में लेकर जो पैसे ऐंठे, उनसे उसने अपने और अपने पिता वीरेंद्र यादव के नाम पर लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। चूँकि विशाल के पास इन संपत्तियों को खरीदने के लिए आय का कोई वैध जरिया नहीं था, इसलिए पुलिस ने इन्हें ‘काली कमाई’ मानकर जब्त कर लिया है।
कुर्क की गई संपत्तियों का ब्यौरा
टोयोटा फॉर्च्यूनर (UP 32 QS 3836): जिसकी अनुमानित कीमत करीब 35.03 लाख रुपये है।
टोयोटा अर्बन क्रूजर (UP 32 PT 4568): जिसकी कीमत लगभग 15.82 लाख रुपये है।
बैंक बैलेंस: अभियुक्त के केनरा बैंक खाते में जमा धनराशि को भी सीज कर दिया गया है।
शातिर है आपराधिक इतिहास
विशाल यादव के खिलाफ लखनऊ के इंदिरा नगर और बीकेटी थानों में हत्या के प्रयास (307), रंगदारी (384), धोखाधड़ी (420) और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह समाज के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था, जिस पर अंकुश लगाने के लिए गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
लखनऊ पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध से बनाई गई किसी भी संपत्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।
Also Read:Bareilly News: बेटियों के हुनर से सजा आंवला का GGIC, सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा नाटक

