लखनऊ: बंद घरों की रेकी कर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, 4 शातिर चोर गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिणी जोन और पीजीआई थाना पुलिस को बंद घरों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता मिली है। सर्विलांस सेल दक्षिणी जोन और थाना पीजीआई की संयुक्त टीम ने गैंग के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से चोरी का सामान तथा घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किए हैं। ये गिरफ्तारी कासा ग्रीन अपार्टमेंट, पीजीआई थाना क्षेत्र के पीछे से की गई।

गिरफ्तार अभियुक्त
- सूरज गौतम उर्फ सद्दाम (26 वर्ष, अण्डे का ठेला लगाता है, सरोजनीनगर निवासी)।
- शिवम विश्वकर्मा उर्फ कल्लू (19 वर्ष, मैकेनिक, आलमबाग निवासी)।
- मुदित साहा उर्फ आयुष उर्फ बंगाली (24 वर्ष, मैकेनिक, आशियाना निवासी)।
- आकाश वर्मा (24 वर्ष, मोमोज का ठेला लगाता है, आलमबाग निवासी)।
- बरामद सामान: चोरी की एक लोहे की तिजोरी, एचपी लेजर प्रिंटर, कम्बल, और ₹7,350/- नकद।
- प्रयुक्त वाहन: एक प्लेटिना मोटरसाइकिल और एक टीवीएस इलेक्ट्रिक स्कूटी।
घटना का विवरण और तरीका
पीजीआई थाना क्षेत्र में विगत काफी समय से चोरी की घटनाएं हो रही थीं, जिसके बाद पुलिस टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने 08 नवंबर 2025 से 18 नवंबर 2025 के बीच पीजीआई थाने में दर्ज चोरी के चार अलग-अलग मुकदमों (जिनमें वृन्दावन योजना और एल्डिको-2 की घटनाएं शामिल हैं) का अनावरण किया है। इन वारदातों में मोबाइल फोन, कीमती आभूषण, नगदी और तिजोरी चोरी हुई थी।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि गिरोह के सदस्य दिन में अपना काम करते थे और एक-एक व्यक्ति बारी-बारी से घरों की रेकी करता था। जब उन्हें यकीन हो जाता था कि घर बंद है और कोई नहीं है, तब चारों मिलकर रात में ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम देते थे और चोरी के माल को आपस में बराबर बांट लेते थे।
जांच और आपराधिक इतिहास
पुलिस टीमों ने लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, मैनुअल और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त सूरज गौतम उर्फ सद्दाम का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिस पर आशियाना, मडियांव, तालकटोरा और कृष्णानगर थानों में भी चोरी और लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं।

