Lucknow News: अवैध तस्करी का खुलासा, 1400 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना पीजीआई व जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम की साझा मुहिम का नतीजा है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 1400 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है, जिसकी बिहार में अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी जा रही है।

ऊपर-नीचे कैरेट, बीच में शराब

गिरफ्तार किए गए तस्कर महिंद्रा पिकअप वाहन में शराब की खेप छिपाकर ले जा रहे थे। गाड़ी के ऊपर और पीछे खाली कैरेट लादे गए थे ताकि चेकिंग के दौरान शराब की मौजूदगी न पकड़ में आ सके। वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट और कूटरचित रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) लगाकर इसे वैध दिखाने की कोशिश की गई थी।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

  • सोनू बागरिया (25 वर्ष) पुत्र कालूराम, निवासी ग्राम खुडियाला, थाना दूदू, जिला जयपुर, राजस्थान – पेशा: ड्राइवर
  • सीताराम बागरिया (19 वर्ष) पुत्र मोरू, निवासी ग्राम खुडियाला, थाना दूदू, जिला जयपुर, राजस्थान – पेशा: क्लीनर

दोनों को ढलौना रेलवे क्रॉसिंग से पहले किसान पथ की सर्विस लेन से गिरफ्तार किया गया।

कैसे हुआ भंडाफोड़?

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वाहन संख्या UP80HR5336 में अवैध अंग्रेजी शराब की तस्करी की जा रही है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दो युवकों को गाड़ी से उतरवाकर पूछताछ की। शुरुआत में उन्होंने गाड़ी में कैरेट लदा होने की बात कही, लेकिन जब पुलिस ने काली पन्नी हटाकर जांच की, तो कैरेट के अंदर रॉयल क्लासिक ब्रांड की 7776 टैट्रा पैक बोतलें (प्रत्येक 180 ml) मिलीं।

ई-चालान ऐप से जांच में जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो पुलिस ने गाड़ी के चेसिस नंबर (MA1ZR2PTBKK5C15430) के आधार पर ट्रेस किया। तब पता चला कि असली रजिस्ट्रेशन नंबर RJ47GA-2782 है, जो प्रधान बागरिया नामक व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

पूछताछ में हुए बड़े खुलासे

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कमल शारण नाम का व्यक्ति, जो उसी गांव का रहने वाला है, उन्हें शराब और गाड़ी उपलब्ध कराता है। हर ट्रिप के बदले वह प्रत्येक व्यक्ति को ₹7000 देता है। वे पिछले 7-8 महीनों से जयपुर से हाजीपुर (बिहार) तक शराब पहुंचा रहे हैं। आगे डिलीवरी की व्यवस्था लालूराम नामक व्यक्ति करता है।

शराब जयपुर से आगरा, लखनऊ होते हुए बिहार ले जाई जाती थी। चूंकि बिहार में शराबबंदी लागू है, वहां तस्कर इसे MRP से तीन गुना अधिक दाम पर बेचते हैं। बोतलों पर छपे MRP को मिटा दिया जाता है ताकि बिक्री मनमानी दरों पर की जा सके।

बरामदगी और अगली कार्रवाई

पुलिस ने 162 पेटी रॉयल क्लासिक विस्की (कुल 7776 टैट्रा पैक) एक महिंद्रा पिकअप वाहन (फर्जी नंबर प्लेट सहित) को कब्जे में लेकर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मु.अ.सं. 368/2025 अंतर्गत धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2) BNS व 60/63/72 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मुख्य आरोपी कमल शारण और उसके सहयोगी लालूराम की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है और तस्करी में प्रयुक्त अन्य गाड़ियों व ठिकानों की भी जांच कर रही है।

पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

इस शानदार कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को ₹10,000 के पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ा अवैध शराब तस्करी गिरोह पकड़ में आया है, जिससे संगठित अपराध पर मजबूत शिकंजा कसा गया है।

 

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