लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: इस दिन से शुरू होगा सफर, 35 मिनट में तय होगी दूरी, जानें कितनी होगी स्पीड लिमिट

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों, लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर अब बेहद आसान और तेज होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने घोषणा की है कि 63 किमी लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आगामी 1 अप्रैल से यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से वर्तमान में लगने वाले 2 से 2.5 घंटे का समय घटकर मात्र 30 से 35 मिनट रह जाएगा।

रफ्तार और सुरक्षा का तालमेल

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों से लैस है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। लगभग 3600 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मार्ग में 4 बड़े पुल, 25 छोटे पुल और 4 फ्लाईओवर शामिल हैं।

तेज रफ्तार के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए एटीएमएस (ATMS) लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीडिंग करने वालों का तत्काल चालान करेंगे। पूरे मार्ग पर 63 सीसीटीवी कैमरे और 16 वीडियो डिटेक्शन सिस्टम से निगरानी रखी जाएगी।

दो चरणों में हुआ निर्माण

पहला चरण: स्कूटर इंडिया (लखनऊ) से बनी तक (18 किमी)।

दूसरा चरण: बनी से शुक्लागंज (उन्नाव) तक (45 किमी)। यह एक्सप्रेसवे शुक्लागंज में उतरेगा, जहां से गंगा पुल पार कर यात्री जाजमऊ और कानपुर शहर में प्रवेश कर सकेंगे।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस एक्सप्रेसवे का लाभ केवल लखनऊ-कानपुर ही नहीं, बल्कि सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर से आने वाले लोगों को भी मिलेगा। यात्री आउटर रिंग रोड के जरिए सीधे ‘बनी’ पहुंचकर एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे, जिससे उन्हें शहर के ट्रैफिक और जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।

हादसे पर 15 मिनट में मिलेगी मदद

परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि किसी भी आपात स्थिति या हादसे की सूचना मिलने के अधिकतम 15 मिनट के भीतर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच जाएगी।

 

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