Lucknow: मलिहाबाद में वकीलों का हंगामा, चैंबर तोड़े जाने से हैं नाराज, आत्महत्या की दी चेतावनी
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद तहसील परिसर में शुक्रवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बड़ी संख्या में वकील तहसील गेट के बाहर एकत्र हो गए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। वकीलों का आरोप है कि तहसील प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस के उनके नवनिर्मित वकालती चैंबर को तोड़ दिया।

मामला तब और गंभीर हो गया जब शनिवार सुबह एक वकील कपिल यादव ने सोशल मीडिया पर तहसील परिसर में आत्महत्या करने की धमकी देते हुए तहसीलदार और एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी होंगे।
रात के अंधेरे में क्यों हुई कार्रवाई?
वकीलों का कहना है कि उन्होंने तहसील परिसर में चैंबर निर्माण के लिए कुछ दिन पहले ही पिलर खड़े किए थे। लेकिन शुक्रवार रात बिना किसी सूचना या चेतावनी के, प्रशासन ने निर्माणाधीन चैंबर तोड़ दिए। वकीलों ने सवाल उठाया कि अगर ये कार्रवाई सही थी तो उसे दिन के उजाले में, सबके सामने किया जाना चाहिए था। “रात के अंधेरे में चुपचाप तोड़फोड़ करना हमारी मेहनत और गरिमा का अपमान है,” एक वकील ने कहा।
जातिगत टिप्पणी और पैसों की मांग का आरोप
वकील कपिल यादव ने अपने आरोप में कहा कि एसडीएम अंकित मौर्या ने उनसे चैंबर निर्माण के बदले 20 हजार रुपये की मांग की थी और इस दौरान जातिगत टिप्पणी भी की। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। वकीलों ने इस पूरे मामले को लेकर मलिहाबाद थाने में शिकायती पत्र भी दिया है। उनका कहना है कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज करेंगे।
पुलिस ने शांत कराया मामला
मौके पर पहुंची पुलिस ने वकीलों को शांत कराने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालांकि, वकील इस बात पर अड़े हैं कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे तहसील प्रशासन के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।
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