Lucknow News: फेंसिडिल कफ सिरप की अवैध तस्करी करने वाला सप्लायर गिरफ्तार, करोड़ों की डील का खुलासा
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में बड़ी कार्रवाई करते हुए फेंसिडिल कफ सिरप और कोडीन आधारित नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई में शामिल एक बड़े सप्लायर अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की संयुक्त जांच के तहत की गई।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
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नाम: अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा
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पता: फ्लैट नं. 2, ब्लॉक–1, वरूणा इन्क्लेव, सिकरौल, वाराणसी
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मूल निवासी: ग्राम सीठपुर, थाना सुरेरी, जनपद जौनपुर
बरामदगी
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फॉर्च्यूनर कार (UP 65 FN 9777)
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दो मोबाइल फोन
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आधार कार्ड
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₹4500 नकद
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मोबाइल से प्राप्त कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े पेपर
गिरफ्तारी
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स्थान: ग्वारी चौराहा, गोमती नगर, लखनऊ
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समय: सुबह करीब 7 बजे, 27 नवंबर 2025
देशभर में फैला था कफ सिरप तस्करी का नेटवर्क
एसटीएफ को इन दिनों लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि फेंसिडिल और कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी मात्रा में अवैध बिक्री कर उसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और यहां तक कि बांग्लादेश तक भेजा जा रहा है।
इसी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने फरवरी 2024 में एसटीएफ और औषधि विभाग की संयुक्त जांच कमेटी बनाई थी।
जांच में पहले भी भारी मात्रा में फेंसिडिल पकड़ी गई थी और कई गिरफ़्तारियां हुई थीं।
कैसे करता था तस्करी का खेल? आरोपी ने उगले बड़े राज
पूछताछ में अमित ने बड़ा खुलासा किया:
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उसका संपर्क आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के जरिए रांची के बड़े कारोबारी शुभम जायसवाल से हुआ।
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शुभम एबॉट कंपनी से 100 करोड़ रुपये से अधिक की कफ सिरप खरीदकर फर्जी बिलों के जरिए तस्करों को बेचता था।
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अमित के नाम पर धनबाद और वाराणसी में दो मेडिकल फर्में खुलवाई गईं—
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देवकृपा मेडिकल एजेंसी (धनबाद)
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श्री मेडिकल (वाराणसी)
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फर्मों का पूरा संचालन शुभम और उसके पार्टनर करते थे।
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कफ सिरप की तस्करी से अमित को नकद लाखों रुपये दिए जाते थे, जिन्हें वह अपनी पत्नी के बैंक खाते में जमा करता था।
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रांची और गाजियाबाद में पुलिस की कार्रवाई के बाद शुभम जायसवाल अपने साथियों के साथ दुबई भाग चुका है, वहीं से फेसटाइम ऐप पर संचालन करता है।
अमित टाटा का लंबा आपराधिक इतिहास
अमित के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं—
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हत्या प्रयास, दंगा, आर्म्स एक्ट सहित 7 से अधिक केस
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वर्ष 2014 से 2025 तक वाराणसी के कई थानों में दर्ज मुकदमे
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नवीनतम केस—फेंसिडिल तस्करी (मामला संख्या 182/2024, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ)
आपको बतादें कि एसटीएफ ने आरोपी को पहले से दर्ज मुकदमे में दाखिल कर दिया है। पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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