लखनऊ: विवाहिता को ससुराल वालों ने पीटा और घर से निकाला, पति समेत 12 लोगों पर केस दर्ज
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद और रहीमाबाद थाना क्षेत्र के बीच एक विवाहिता के साथ हुई प्रताड़ना की कहानी ने सबको झकझोर कर रख दिया है। दहेज में 50 लाख रुपये की मोटी रकम न मिलने पर ससुराल वालों ने अपनी बहू को दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया। पीड़ित महिला की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब पुलिस ने कार्यवाही शुरू की है।
शादी के दो साल बाद शुरू हुआ जुल्म
बिराहिमपुर निवासी जगजीवन ने अपनी बेटी खुशबू का निकाह 22 जून 2023 को गदियाखेड़ा निवासी रमेश कुमार रावत के साथ बड़े अरमानों से किया था। लेकिन शादी के दो साल भी पूरे नहीं हुए थे कि पति रमेश ने दहेज की खातिर खुशबू को घर से निकाल दिया। मजबूरन खुशबू अपने पिता के घर रहने लगी।
विगत वर्ष रक्षाबंधन के समय जब खुशबू को पता चला कि उसका पति गांव आया है, तो वह सुलह की उम्मीद लेकर 10 अगस्त 2025 को अपने रिश्तेदारों के साथ ससुराल पहुंची। लेकिन वहां पति, सास और ननद-ननदोई पहले से ही मोर्चा संभाले बैठे थे। आरोप है कि उन सभी ने खुशबू को देखते ही 50 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी और उसे घर में घुसने तक नहीं दिया। शोर मचाने पर सबने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा और दोबारा घर न आने की धमकी देकर भगा दिया।
तलाक दिलाने की रची गई ‘साजिश’
खुशबू का आरोप है कि इस पूरे जुल्म के पीछे उसके जेठ सरवन कुमार का हाथ है। पीड़ित ने बताया कि सरवन उसके पति रमेश को उकसाता है कि “इसे इतना प्रताड़ित करो कि यह खुद ही तलाक देने को मजबूर हो जाए।” इसी साजिश के तहत खुशबू को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ा जा रहा है।
पुलिस की सुस्ती: 6 महीने बाद दर्ज हुई FIR
हैरानी की बात यह है कि पीड़िता ने सितंबर 2025 में ही पुलिस को लिखित शिकायत दे दी थी, लेकिन पुलिस ने करीब 6 महीने तक मामले को लटकाए रखा। अब जाकर रहीमाबाद पुलिस ने पति रमेश, सास मुन्नी, ननद रानी, प्रेमा, सुंदारा और ननदोई सालिकराम समेत करीब 12 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
रिपोर्ट: सुरेन्द्र कुमार (शेरा वर्मा)

