लखनऊ मेट्रो: ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के पास नक्शा पास करने पर रोक, अब UPMRC की NOC अनिवार्य
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी के बहुप्रतीक्षित ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर (चारबाग से बसंतकुंज) के निर्माण में आने वाली संभावित अड़चनों को दूर करने के लिए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मेट्रो एलाइनमेंट के दोनों ओर 50-50 मीटर के दायरे में अब किसी भी प्रकार के नए भवन निर्माण या नक्शे की स्वीकृति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
मेट्रो प्रशासन (UPMRC) ने देखा कि प्रस्तावित रूट की घोषणा के बाद से ही कॉरिडोर के आसपास जमीन की कीमतें बढ़ने लगी थीं और लोगों ने पुरानी इमारतों को तोड़कर बहुमंजिला इमारतों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया तेज कर दी थी।
यदि रूट के पास पक्का निर्माण हो जाता, तो भविष्य में भूमिगत सुरंग, स्टेशन और वायाडक्ट (पुल) बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण में कानूनी और तकनीकी समस्याएं आ सकती थीं। परियोजना में देरी और भारी मुआवजे के पेचीदा मामलों से बचने के लिए यह अग्रिम निर्णय लिया गया है।
अब क्या होंगे नियम?
मुख्य परियोजना प्रबंधक (सिविल) संजय कुमार सिंह ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र (50 मीटर के दायरे) में निर्माण के लिए अब LDA से पहले UPMRC की अनापत्ति (NOC) लेना अनिवार्य होगा। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यह सुनिश्चित करेगा कि प्रस्तावित भवन से मेट्रो की संरचना या भविष्य की खुदाई को कोई खतरा तो नहीं है। मेट्रो की हरी झंडी के बिना LDA किसी भी प्रकार का नया नक्शा स्वीकृत नहीं करेगा।
इन इलाकों को मिलेगी राहत
चारबाग से बसंतकुंज तक का यह कॉरिडोर पुराने लखनऊ के लिए जीवनरेखा साबित होगा। इससे ठाकुरगंज, चौक और बसंतकुंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के निवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। एलडीए की टीम को मौके पर कड़ाई से नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

