Sandesh Wahak Digital Desk : नगर निगम मुख्यालय में उस समय हंगामा मच गया जब एक दबंग ठेकेदार ने लेखा विभाग में तैनात अनुचर को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कर्मचारी खुद को बचाने के लिए गुहार लगाता रहा लेकिन लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। जब ठेकेदार कर्मचारी का गला दबाने लगा तो साथी कर्मचारी मदद के लिए दौड़े और उसे बचाया।
ठेकेदार की गुंडई से कर्मचारी आक्रोशित हो गए और एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। मामले में नगर निगम कर्मचारी संघ ने नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह से उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पीड़ित चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मी आशुतोष तिवारी का आरोप है कि उसकी तबियत खराब होने के कारण बुधवार को वह देर से ऑफिस पहुंचा था। करीब 1:30 बजे जब वह लेखा अनुभाग पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद ठेकेदार विक्रम कक्कड़ ने उसपर आपत्तिजनक टिप्पणी की और गाली-गलौज करने लगा। आशुतोष ने ठेकेदार का विरोध किया तो ठेकेदार ने उसका गला दबाया।
कर्मचारी संघ में आक्रोश
इस बीच दूसरे कर्मियों ने उसे छुड़ाने की कोशिश की लेकिन ठेकेदार नहीं माना। आशुतोष को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते हुए सहायक लेखाधिकारी एपी तिवारी के कक्ष के सामने तक ले गया। इस बीच अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी ने वहां से भाग कर जान बचाई। बाद में साथी कर्मचारियों की मदद से आशुतोष नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष के समक्ष पहुंचा। जहां उसने पूरी घटना की जानकारी दी।
इस बीच घटना की सूचना पूरे नगर निगम में फैल गई। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी एकत्र हो गए। विरोध में काफी देर तक प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने स्मार्ट सिटी कार्यालय पहुंचकर नगर आयुक्त से मुलाकात कर सीसीटीवी के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की है। मामले में नगर निगम के अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी नाराजगी व्यक्त की है।
इन्द्रजीत सिंह, नगर आयुक्त
कर्मचारियों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर कराकर उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
आनंद वर्मा, अध्यक्ष, नगर निगम कर्मचारी संघ
किसी कर्मचारी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो इसलिए नगर निगम प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है। यदि प्रशासन मामले में उचित कार्रवाई नहीं करता है तो कर्मचारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।