लखनऊ हत्याकांड: पैसों के लिए दोस्त बना दरिंदा, चार गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के गुडम्बा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यवसायिक लेन-देन को लेकर दोस्त ने ही अपने साथी की नृशंस हत्या कर दी।
इस सनसनीखेज वारदात में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त दो चापड़, खून से सना कुर्ता और अन्य सामान बरामद किया गया है।
क्या है मामला?
24 जून 2025 को ममता सिंह ने थाना गुडम्बा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति उमाशंकर सिंह की हत्या कर दी गई है। उमाशंकर लखनऊ के अर्जुन इन्कलेव स्थित मकान में किराये पर रहते थे। रिपोर्ट के अनुसार, उमाशंकर की गला रेतकर हत्या की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 103(1)/61 BNS व 4/25 आयुध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया और तत्काल जांच शुरू की।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर लखनऊ, डीसीपी पूर्वी, एसीपी गाजीपुर और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम बनाई गई। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए चार आरोपियों की पहचान हुई:
1- संजय कुमार चौहान (36)
2- शिवा सिंह उर्फ शिवराम सिंह (34)
3- कविनंदन सिंह उर्फ छोटू (26)
4- अभिनंदन सिंह (45)
आज सुबह 10:45 बजे, पुलिस ने बेहटा फ्लाईओवर के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अतरौली गांव में बबूल की झाड़ियों से एक काला बैग बरामद किया, जिसमें:

-दो खून से सने चापड़ (हथियार)
-एक सूजा (नुकीला औजार)
-एक नारंगी रंग का खून से सना कुर्ता
-एक घटना में पहना गया कुर्ता
-दो रेनकोट और एक काला गमछा
पुलिस ने बरामद आलाकत्ल के आधार पर धारा 4/25 आयुध अधिनियम की बढ़ोतरी की है।
हत्या का कारण क्या था?
पुलिस जांच में सामने आया कि उमाशंकर सिंह ने संजय और शिवा सिंह को करीब 60 लाख रुपये व्यवसाय के लिए उधार दिए थे। शुरुआत में उनके रिश्ते सामान्य थे, लेकिन बाद में उमाशंकर का व्यवहार बदल गया। वह शराब के नशे में अक्सर दोनों को गालियां देते और नौकर की तरह व्यवहार करते थे।
इन्हीं बातों से खफा होकर और रुपये न लौटाने की नीयत से आरोपियों ने उमाशंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रची और योजना बनाकर चापड़ से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
क्राइम ब्रांच + सर्विलांस + थाना गुडम्बा की संयुक्त टीम ने इस केस का खुलासा किया। टीम में SHO, उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल्स शामिल रहे।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की इस त्वरित और योजनाबद्ध कार्रवाई से एक जघन्य अपराध का सफलतापूर्वक अनावरण हुआ है। पुलिस टीम की सूझबूझ और सटीक रणनीति की हर ओर सराहना हो रही है।
यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह व्यावसायिक रिश्ते बिगड़ने पर घातक रूप ले सकते हैं।
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