Lucknow News: 4 शातिर डकैत गिरफ्तार, साथी की मौत को ‘आत्महत्या’ दिखाने वाली साजिश उजागर

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिण जोन की टीम ने एक अंतरजनपदीय गैंग के सरगना समेत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में डकैती और लूट की घटनाओं को अंजाम देता था, बल्कि साक्ष्य मिटाने की इनकी साजिशें फिल्मी कहानियों से भी कहीं ज्यादा खौफनाक थीं।

डकैती की योजना के दौरान ‘अपनों’ की गोली से हुई मौत

पुलिस ने मार्च 2025 में मोहनलालगंज के भैदुआ गांव में हुई एक घटना का रहस्योद्घाटन किया है। उस रात गिरोह के सदस्य एक घर की छत पर डकैती के लिए चढ़े थे। तभी आपसी विवाद में एक अपराधी को गोली लग गई। घर वालों के जगने पर गैंग के लोग अपने घायल साथी सुशील चौहान को लेकर भाग निकले। खून ज्यादा बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई।

साक्ष्य मिटाने की क्रूर साजिश

अपने साथी की मौत के बाद गैंग ने उसे ‘आत्महत्या’ या ‘रेल दुर्घटना’ साबित करने के लिए एक बेहद क्रूर योजना बनाई। पकड़े जाने के डर से उन्होंने मृतक के पैर में लगी गोली के निशान को किसी धारदार चीज से खुरच दिया ताकि पोस्टमार्टम में गोली की बात सामने न आए। शव को पहले पुवाल (पआल) से छिपाया गया, फिर अगले दिन उसे गोपालखेड़ा रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया ताकि ट्रेन की चपेट में आने से शव क्षत-विक्षत हो जाए और मामला दुर्घटना जैसा लगे।

वारदात करने का अनोखा और शातिर तरीका

यह गैंग बेहद पेशेवर और आधुनिक पुलिसिंग से बचने के तरीके जानता था। घटना से पहले गांव में पैदल रेकी करते थे और वारदात के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करते थे ताकि लोकेशन ट्रैक न हो। वाहनों को घटनास्थल से काफी दूर खड़ा कर खेतों के रास्तों से आवागमन करते थे। पहचान छिपाने और पकड़ में न आने के लिए ये शरीर पर तेल लगाकर और केवल अंडरवियर-बनियान में वारदात को अंजाम देते थे।

गिरफ्तार अभियुक्त और आपराधिक इतिहास

पुलिस टीम ने हबुआ पुल के पास से गैंग लीडर कमलेश समेत चार लोगों को दबोचा है। इन सभी पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

कमलेश (गैंग लीडर): 36 मुकदमे (सीतापुर निवासी)

रामचन्द्र उर्फ छोटू: 17 मुकदमे

अभिलाष उर्फ अभिलाख: 20 मुकदमे

बाबूराम: 12 मुकदमे

पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में मोहनलालगंज पुलिस ने न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि एक साल पुराने पेचीदा मामले की गुत्थी भी सुलझा दी है। फरार चल रहे अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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