Lucknow News: रिश्वत की शिकायत मिलते ही भड़के ए.के. शर्मा, JE सस्पेंड, लाइनमैन बर्खास्त

Sandesh Wahak Digital Desk: योगी सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा शुक्रवार को अपने लखनऊ स्थित आवास पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान अमरोहा के एक फरियादी ने बिजली विभाग में हो रही अवैध वसूली का ऐसा कच्चा चिट्ठा खोला कि मंत्री जी आगबबूला हो गए। उन्होंने बिना देर किए मौके पर ही कड़ा फैसला लेते हुए दोषियों पर गाज गिरा दी।

क्या था मामला?

अमरोहा जिले के नौगावां सादात से आए मोहम्मद यूसा ने मंत्री को बताया कि नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए विभाग के कर्मचारी उनसे खुलेआम रिश्वत मांग रहे हैं। रिश्वत न देने पर काम को जानबूझकर अटकाया जा रहा है और उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।

फोन पर ही दिए कार्रवाई के आदेश

फरियादी की पीड़ा सुनकर ऊर्जा मंत्री ने तुरंत पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता को फोन लगाया और दोषियों को सबक सिखाने के निर्देश दिए। मंत्री के सख्त निर्देश के कुछ ही देर बाद विभाग में हड़कंप मच गया और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई।

इस मामले में कनिष्ठ अभियंता (JE) राजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जबकि रिश्वतखोरी में मुख्य भूमिका निभाने वाले लाइनमैन अब्बास की सेवाएं हमेशा के लिए समाप्त कर दी गईं। लापरवाही के लिए एसडीओ रितेश प्रसाद और अधिशासी अभियंता राहुल निगम को कारण बताओ नोटिस (नियम-10 के तहत) जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर इन पर भी कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है।

“जनता की सेवा करें, उन्हें परेशान न करें”

कार्रवाई के बाद ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बिजली विभाग का काम जनता को सुविधा देना है, उन्हें लूटना नहीं। उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार और घूसखोरी के मामलों में सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। जो भी कर्मचारी जनता को परेशान करेगा, उसका अंजाम यही होगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।

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