Lucknow News: आर्टेमिस हॉस्पिटल ने दिखाई राह, ब्रेन ट्यूमर के इलाज में साइबरनाइफ बना वरदान
Sandesh Wahak Digital Desk: न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव और अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी अब आम जनता तक भी पहुंच रही है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुग्राम स्थित आर्टेमिस हॉस्पिटल ने हाल ही में लखनऊ में एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया, जिसमें ब्रेन ट्यूमर और मूवमेंट डिसऑर्डर्स जैसे जटिल न्यूरो रोगों के आधुनिक और सुरक्षित इलाज के तरीकों पर चर्चा की गई।
यह आयोजन CRREST न्यूरो सर्विसेज और न्यूरो क्लब, लखनऊ के सहयोग से हुआ। इसका उद्देश्य था न्यूरोसाइंसेज़ में हो रहे नए तकनीकी नवाचारों को चिकित्सा जगत और आम लोगों के साथ साझा करना, जिससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को अधिक भरोसेमंद और सुलभ इलाज मिल सके।

साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी की नई उम्मीद
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य गुप्ता ने किया, जो आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में चीफ ऑफ न्यूरोसर्जरी, सीएनएस रेडियोसर्जरी और को-चीफ – साइबरनाइफ सेंटर हैं। उन्होंने “कोलेबोरेटिव केसेस इन न्यूरोसाइंसेस” विषय पर अपने व्याख्यान में बताया कि कैसे M6 साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी तकनीक आज ब्रेन ट्यूमर जैसे जटिल मामलों में क्रांतिकारी इलाज साबित हो रही है।

डॉ. गुप्ता के अनुसार साइबरनाइफ एक बिल्कुल सटीक, दर्दरहित और नॉन-इनवेसिव रेडिएशन तकनीक है, जो न तो सर्जरी की मांग करती है, न ही एनेस्थीसिया की। यह खास तौर पर उन ब्रेन ट्यूमर के लिए कारगर है जिनका आकार 2.5 से 3 सेंटीमीटर तक होता है। इसकी 95% से अधिक सफलता दर इसे एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।
आम लोगों और डॉक्टरों दोनों के लिए फायदेमंद
इस सेमिनार में शहर के कई वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट, सर्जन और चिकित्सा छात्र शामिल हुए। यहां उन्हें बताया गया कि कैसे नई तकनीकों की मदद से मरीजों का इलाज अब पहले से अधिक सटीक, तेज और कम खर्चीला हो सकता है। साथ ही, मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह जानकारी काफी उपयोगी रही, क्योंकि अब उन्हें बिना सर्जरी और दर्द के भी जटिल बीमारियों का इलाज संभव नजर आने लगा है।
हर मरीज को मिले विश्वस्तरीय इलाज
आर्टेमिस हॉस्पिटल ने इस आयोजन के ज़रिए यह साबित किया कि वह सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी चिकित्सा जागरूकता फैलाने और तकनीक आधारित बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इस आयोजन से साफ है कि अब मरीजों को जटिल ब्रेन ट्यूमर या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि विज्ञान और तकनीक ने उनके लिए सुरक्षित, सटीक और प्रभावशाली रास्ते खोल दिए हैं।
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