लखनऊ: फर्जी कंपनियों के जरिए 20 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, इंडसइंड बैंक मैनेजर समेत 3 गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम सेल और साइबर क्राइम थाना, लखनऊ को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इंडसइंड बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर समेत तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम सेल की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उमाकांत और राजीव विश्वास अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी कर रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महानगर चौराहे के पास से उमाकांत और राजीव विश्वास को पकड़ा।

ठगी का तरीका

पूछताछ में उमाकांत ने स्वीकार किया कि वह वास्तविक रूप से रियल एस्टेट का काम नहीं करता, बल्कि ‘आकाश रियल स्टेट एंड डेवलपर्स प्रा. लि.’ और ‘सोनराइज सॉल्यूशन प्रा. लि.’ जैसे फर्जी नामों से कंपनियां बनाकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था। इन खातों में गेमिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से प्राप्त करोड़ों रुपये की धनराशि जमा की जाती थी।

उमाकांत ने खुलासा किया कि इस पूरे नेटवर्क में उत्तम विश्वास, जो इंडसइंड बैंक, चिनहट, लखनऊ में डिप्टी ब्रांच मैनेजर है, सक्रिय रूप से सहयोग करता था। उत्तम विश्वास फर्जी फर्मों के खाते खुलवाने और निगरानी से बचने में मदद करता था।

करोड़ों का कमीशन और लेन-देन

गिरफ्तार अभियुक्त उमाकांत ने बताया कि अब तक ठगी की रकम में से लगभग ₹20 करोड़ का लेन-देन हुआ है। वह इस राशि में से 10 से 20 प्रतिशत कमीशन के रूप में बैंक मैनेजर उत्तम विश्वास को देता था, जिसमें नकद और ऑनलाइन भुगतान शामिल थे। उमाकांत ने यह भी स्वीकार किया कि ठगी की राशि से उसने हाल ही में अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी और स्वर्ण आभूषण भी खरीदे।

पुलिस ने उत्तम विश्वास को भी कुर्सी रोड स्थित उसके घर से हिरासत में लिया। तीनों आरोपियों (उत्तम विश्वास, राजीव विश्वास और उमाकांत) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुक़दमा पंजीकृत किया गया है।

बरामदगी और पैन इंडिया कनेक्शन

पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से ₹30,000 नकद, 06 एटीएम कार्ड, 05 मोबाइल फोन, 02 आधार कार्ड और 01 पैन कार्ड बरामद किया है। पुलिस के विश्लेषण से पता चला है कि इन खातों में हुए लेन-देन को लेकर विशाखापत्तनम, पश्चिम बंगाल, गुरुग्राम (हरियाणा) और हैदराबाद सहित विभिन्न राज्यों में 40 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें और मुक़दमे दर्ज हैं।

नागरिकों से अपील: साइबर क्राइम थाना ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या ऐप पर भरोसा न करें और बैंक विवरण, ओटीपी, या यूपीआई पिन कभी साझा न करें। ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

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