Lucknow News: फर्जी IAS सौरभ त्रिपाठी का ‘पीए’ गिरफ्तार, प्रोटोकॉल मैनेज करने में था मास्टरमाइंड
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ में फर्जी IAS अधिकारी सौरभ त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को वजीरगंज पुलिस ने उसके पर्सनल असिस्टेंट कुमार गौरव पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गौरव लंबे समय से सौरभ त्रिपाठी के लिए प्रोटोकॉल मैनेजमेंट और नेटवर्किंग का काम देख रहा था।
गिरफ्तारी के समय कुमार गौरव के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं एक वनप्लस और दूसरा सैमसंग। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे ठगी और फर्जीवाड़े से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। दोनों मोबाइलों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुमार गौरव पांडेय, फर्जी IAS सौरभ त्रिपाठी का सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगी था। वह सौरभ के दौरे से पहले संबंधित जिलों के अधिकारियों से संपर्क करता और वीआईपी प्रोटोकॉल की व्यवस्था कराता था। इसमें लाल-नीली बत्ती वाली गाड़ियों का इंतजाम भी शामिल था, जिससे सौरभ त्रिपाठी का रुतबा और अधिक विश्वसनीय नजर आता था।
जांच में हुआ खुलासा
जांच में यह भी पता चला है कि यह फर्जी नेटवर्क सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं था। दिल्ली, बिहार, गोवा और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में इसका फैलाव था। कुमार गौरव न केवल बड़ी डीलिंग और पैसों के लेन-देन में शामिल था, बल्कि वह लग्जरी गाड़ियां किराये पर दिलाने और महंगे होटलों में ठहराने की व्यवस्था भी करता था।
वजीरगंज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुमार गौरव लखनऊ से फरार होने की फिराक में कैसरबाग बस अड्डे की ओर जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
फिलहाल आरोपी पर IT एक्ट की धारा 66D समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क ने अब तक देश के कई हिस्सों में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।
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