Lucknow News: इंटीग्रल इंटरनेशनल स्कूल में छात्राओं का उतरवाया गया बुर्का, मना करने पर की पिटाई

Sandesh Wahak Digital Desk: एक मुस्लिम संस्थान के तौर पर पहचान रखने वाले इंटीग्रल इंटरनेशनल स्कूल में एक बेहद दुखद और शर्मनाक घटना घटी है। प्रिंसिपल ने छात्राओं के बुर्के हटवाए और जिन छात्राओं ने विरोध किया और अपने अभिभावकों को बुलाकर सूचना दी, उन्हें न केवल प्रेयर की लाइन से हटा दिया गया, बल्कि प्रिंसिपल ने उनकी पिटाई भी की। इस घटना से छात्राओं और अभिभावकों में गहरा आक्रोश फैल गया है और यह आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।

गौरतलब है कि इंटीग्रल एक ऐसा संस्थान है जिसमें मुस्लिम विद्वानों ने अहम भूमिका निभाई है। यह संस्थान कई बुजुर्गों की ईमानदारी और दुआओं का फल है। इस संस्थान की स्थापना के लिए प्रख्यात विद्वानों के प्रयासों के परिणामस्वरूप आज इस संस्थान की पहचान बनी है, लेकिन ऐसा लगता है कि वर्तमान जिम्मेदार व्यक्ति संस्थान के लाभार्थियों के बलिदान और संस्थान के उद्देश्य को भूल गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस संस्थान की ओर से छात्राओं को नकाब उतारने का नोटिस भी जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार, इंटीग्रल इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल ने एक नोटिस जारी कर छात्राओं के लिए स्कूल परिसर में नकाब उतारना अनिवार्य कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि प्रिंसिपल ने यह नोटिस अपने लेटरपैड पर जारी नहीं किया, बल्कि शिक्षिकाओं के मोबाइल फोन पर मैसेज के जरिए भेजवाया है।

छात्राओं की पिटाई

मिली जानकारी के अनुसार कल प्रार्थना सभा के बाद, छात्राओं से सख्त लहजे में नकाब उतारने को कहा गया, जिस पर कुछ छात्राएं बुर्का उतारकर कक्षा में चली गईं, लेकिन ज़्यादातर छात्राओं ने अपने अभिभावकों को फ़ोन करके स्थिति से अवगत कराया। जिन छात्राओं ने इस नोटिस का विरोध किया, उनके अभिभावकों को प्रिंसिपल राशिद खान ने प्रार्थना सभा की कतार से बाहर निकालकर पीटा। सूचना मिलने पर जब कुछ अभिभावक कॉलेज पहुंचे, तो प्रिंसिपल ने उनसे मुलाकात तक नहीं की।

9 सितंबर की सुबह बड़ी संख्या में लड़कियों के अभिभावक प्रिंसिपल राशिद खान के इस व्यवहार और नोटिस के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराने स्कूल पहुंचे, लेकिन प्रिंसिपल राशिद खान अपना कार्यालय छोड़कर कहीं चले गए, जिससे लोगों में काफी गुस्सा है।

गौरतलब है कि इंटीग्रल की पहचान एक मुस्लिम संस्थान के रूप में है, इसीलिए इस कॉलेज में 70 प्रतिशत छात्र-छात्राएं मुस्लिम हैं।

राशिद खान के खिलाफ लोगों में बढ़ी नाराजगी

प्रिंसिपल राशिद खान के इस व्यवहार से मुसलमानों में गुस्सा और अफ़सोस दोनों है। जब इस बारे में प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका फ़ोन नंबर बंद था। जब कॉलेज के लोगों से बात की गई, तो कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रिंसिपल राशिद खान इस्लामी मूल्यों से घृणा करते हैं और धार्मिक मामलों का पालन करने वालों के साथ बेहद उदासीनता से पेश आते हैं।

गौरतलब यह भी है कि लड़कियों का बुर्का उतरवाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं महिला शिक्षिकाओं को दी गई थी जो ख़ुद बुर्का पहनकर आती हैं। जब एक अभिभावक ने प्रिंसिपल से कहा कि कॉलेज की ओर से कोई भी नोटिस दिया जाता है तो वह प्रिंसिपल के लेटरहेड पर और उनके हस्ताक्षर से दिया जाता है, लेकिन यह नोटिस शिक्षकों के निजी नंबर से क्यों भेजा गया? तो प्रिंसिपल भड़क गए और अपने कार्यालय से चले गए। बहरहाल, खबर लिखे जाने तक प्रिंसिपल ने अपना आदेश वापस नहीं लिया है। अभिभावक और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और स्थिति कभी भी बेकाबू हो सकती है।

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