Lucknow News: चिकित्सकों को राज्यपाल का संदेश, समाज सेवा को सर्वोपरि रखें, यही सच्ची सेवा है
Lucknow News: मंगलवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), लखनऊ का 29वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों से समाज सेवा को प्राथमिकता देने और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने का आह्वान किया। उन्होंने कुल 415 उपाधियां प्रदान कीं, जिन्हें डिजिलॉकर में अपलोड किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रायबरेली के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 300 आंगनबाड़ी किट भी वितरित किए।
सफलता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने माता-पिता और अभिभावकों का सम्मान करें, जिनके योगदान से ही वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। राज्यपाल ने SGPGI की एनआईआरएफ रैंकिंग में सातवें से पांचवें स्थान पर आने की उपलब्धि पर भी खुशी जताई और कहा कि अब समय आ गया है कि संस्थान विश्व रैंकिंग में भी अपनी पहचान बनाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा और मानवीय दृष्टिकोण का संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल ने चिकित्सकों से संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज, खासकर किसान, बुजुर्ग, महिला या बच्चे का इलाज पूरी सहानुभूति के साथ करें और किसी को निराश न लौटाएं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए यह नियम बनाने का सुझाव दिया कि हर डॉक्टर को अपनी नौकरी के शुरुआती तीन साल गांवों में रहकर सेवा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर अपना निजी अस्पताल खोलते हैं, उन्हें हर साल कम से कम पांच मरीजों का मुफ्त इलाज करने का संकल्प लेना चाहिए, जो सच्ची सेवा भावना होगी।

स्वास्थ्य और शोध पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। उन्होंने बताया कि इस समय देश भर में 15 दिवसीय सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को जागरूक करना, स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना और प्रदूषण कम करना है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते मोटापे पर भी चिंता व्यक्त की और शोध कार्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समाज में बढ़ती गुस्से की प्रवृत्ति पर भी शोध होना चाहिए कि इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी किया संबोधित
समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी उपाधि धारकों को बधाई दी और कहा कि डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है, इसलिए उन्हें हमेशा मानवता की सेवा को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं और सभी को विकसित राष्ट्र बनाने में भागीदार बनना चाहिए।
इस अवसर पर पद्म विभूषण प्रो. डी. नागेश्वर रेड्डी, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और SGPGI के निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे
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