Lucknow News: अपहरण की कहानी निकली झूठी! बेटे ने पैसों के दबाव में ली मां की जान, CCTV ने खोला पूरा राज
Lucknow News: लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित बाबू खेड़ा गांव में शुक्रवार को हुई रेनू यादव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने लगभग सुलझा ली है। शुरुआती जांच में परिवार ने अपहरण और लूट की कहानी बताई थी, लेकिन CCTV फुटेज और फोन रिकॉर्ड ने पूरी कहानी पलट दी।
मृतका का मंझला बेटा निखिल यादव घटना के बाद से लापता है। वह अपने परिजनों को फोन कर बार-बार अपहरण की झूठी कहानी सुनाता रहा। लेकिन जांच में सामने आया कि वह घटना के बाद पूरी तरह सामान्य हालत में बाइक से मोहल्ले और तेलीबाग चौराहे तक जाता दिखा।
घर से करीब सात लाख रुपये के जेवर और नकदी भी गायब मिले हैं। वहीं, ऑनलाइन लोन के दबाव और निखिल की संदिग्ध गतिविधियों ने पुलिस के शक को और गहरा कर दिया है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
CCTV फुटेज ने खोली गुत्थी, टाइमलाइन से बढ़ा शक
हत्या के दिन की घटनाओं की टाइमलाइन ने कई राज खोले —
- 2:30 बजे: निखिल अपनी मां को ननिहाल से लेकर घर पहुंचा।
- 3:21 बजे: उसने दोस्त अरुण को कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
- 3:59 बजे: मोहल्ले से बाइक पर निकलता हुआ कैमरे में दिखा।
- 4:00 बजे: छोटा भाई नितिन घर पहुंचा तो मां खून से लथपथ पड़ी मिलीं।
- 4:30 से 4:40 बजे: निखिल ने पहले दोस्त और फिर मामा को फोन कर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी।
- 4:40 से 5:00 बजे के बीच: CCTV में वह तेलीबाग चौराहा पार करता हुआ दिखा।
यह पूरी टाइमलाइन पुलिस के इस संदेह को मजबूत करती है कि हत्या में निखिल की ही भूमिका है।
घर से गायब नकदी और जेवर, पिता को मिला धमकी भरा कॉल
पुलिस को निखिल का दो जगहों से CCTV फुटेज मिला है, जिसमें वह सामान्य अवस्था में बाइक चलाते नजर आया। अगर उसका अपहरण हुआ होता तो वह इस तरह सहज नहीं दिखता।
घर से करीब सात लाख रुपये के जेवर और नकदी गायब मिले हैं, जबकि घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं थे।
पिता रमेश यादव ने पुलिस को बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले उन्हें धमकी भरा फोन आया था, जिसमें कहा गया था कि निखिल ने ऑनलाइन लोन लिया है, और पैसा न लौटाने पर अंजाम भुगतना होगा। इन सब सुरागों ने पुलिस का शक बेटे निखिल की ओर मोड़ दिया है।
पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं, गिरफ्तारी के बाद खुलेगा पूरा राज
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि निखिल की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। अभी तक किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं। मां की हत्या से पूरा परिवार सदमे में है, जबकि बेटे की संदिग्ध भूमिका ने सभी को हिला कर रख दिया है।
मोहल्ले में चर्चा है कि क्या निखिल ने वाकई कर्ज और पैसों के दबाव में अपनी ही मां की हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस दर्दनाक वारदात की सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी।
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